अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 8.9 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से लौटा मुंबई निवासी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को बैंकॉक से आई थाई एयरवेज की फ्लाइट टीजी-343 से उतरे मुंबई के एक यात्री के चेक-इन बैग से 8.913 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना बरामद किया। यह प्रतिबंधित पदार्थ सामान के भीतर कपड़ों के बीच छिपाकर लाया गया था। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
जब्ती का विवरण
अहमदाबाद कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने बैंकॉक-अहमदाबाद मार्ग पर यात्री प्रोफाइलिंग के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति को रोका। चेक-इन सामान की विस्तृत जांच में अधिकारियों को 14 एयरटाइट प्लास्टिक पैकेट मिले, जिनमें हरे रंग का पदार्थ पैक था। NDPS फील्ड-टेस्टिंग किट से की गई शुरुआती जांच में इस पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई। बरामद पदार्थ का कुल वजन 8,913 ग्राम, यानी लगभग 8.9 किलोग्राम रहा।
पिछले चार महीनों में यह कड़ी में एक और मामला
गौरतलब है कि यह मामला दक्षिण-पूर्व एशिया से अहमदाबाद एयरपोर्ट के रास्ते आने वाली नशीली खेपों की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है। मई 2026 में AIU ने बैंकॉक-अहमदाबाद रूट के एक यात्री से 6.54 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, जो ट्रॉली बैग में छह वैक्यूम-सील्ड पैकेट में छिपा था। जून 2026 में एक 20 वर्षीय यात्री से 10.911 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। जुलाई 2026 में बैंकॉक से लौटे एक अन्य यात्री से 5.3 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ मिला, जो पाँच काले पॉलीथीन पैकेट में पैक था।
सबसे हालिया घटना में, 5 सितंबर 2026 को हो ची मिन्ह सिटी से आए मुंबई के एक निवासी के हैंड बैगेज में कुकीज के डिब्बों और कॉर्नफ्लेक्स के पैकेटों के भीतर छिपाए गए 5.5197 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजे को जब्त किया गया था। इस प्रकार केवल चार महीनों में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बैंकॉक और हो ची मिन्ह सिटी से आई खेपों में 37 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक गांजा पकड़ा जा चुका है।
तस्करी के तरीके और पैटर्न
अधिकारियों के अनुसार, इन सभी मामलों में तस्करी का तरीका लगभग एक जैसा रहा है — प्रतिबंधित पदार्थ को एयरटाइट या वैक्यूम-सील्ड पैकेट में बंद कर चेक-इन ट्रॉली बैग में कपड़ों के बीच छिपाना। 5 सितंबर के मामले में तो खाने-पीने की सामान्य वस्तुओं के डिब्बों का इस्तेमाल छद्म के रूप में किया गया, जो तस्करों के बदलते तौर-तरीकों का संकेत देता है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में हाइड्रोपोनिक गांजे का उत्पादन बढ़ा है और भारतीय महानगरों में इसकी माँग कथित तौर पर बढ़ रही है।
कानूनी कार्रवाई और जांच
गिरफ्तार यात्री के खिलाफ NDPS एक्ट, 1985 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारी जब्त पदार्थ के स्रोत, तस्करी नेटवर्क और माल की अपेक्षित मंजिल का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं। AIU की सक्रिय यात्री प्रोफाइलिंग रणनीति इस रूट पर बार-बार खेपों को पकड़ने में कारगर साबित हो रही है, हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती घटनाएँ एक सुनियोजित तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती हैं जिसके तार व्यापक हो सकते हैं।