पुणे एयरपोर्ट पर ₹3.72 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से आया तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम्स विभाग ने 5 नवंबर 2026 की शाम एक बड़ी कामयाबी हासिल की, जब बैंकॉक से एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-291 से आए एक भारतीय नागरिक के सामान से 10.642 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा (मारिजुआना) बरामद किया गया। इस नशीले पदार्थ की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹3.72 करोड़ बताई जा रही है। आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
कैसे हुई पहचान और जांच
पुणे कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और एयरपोर्ट ब्रांच के अधिकारियों ने यात्री को पैसेंजर प्रोफाइलिंग और चेक-इन सामान की संदिग्ध स्कैनिंग के आधार पर रोका। नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अधिकारियों ने सामान की विस्तृत तलाशी ली।
तलाशी में छिपाने का एक नया और चालाक तरीका उजागर हुआ — गांजे को नूडल्स के पैकेटों की आड़ में बड़ी सफाई से रखा गया था। गौरतलब है कि यह खाद्य पदार्थों की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी की बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा है।
तस्करी का नया तरीका: 'फ्रीज ड्राइड डुरियन' की आड़
नशीले पदार्थ को चांदी के रंग के नौ आयताकार पैकेटों में छिपाया गया था, जिन पर 'Freeze Dried Monthong Durian' के लेबल लगे थे। पकड़े जाने से बचने के लिए हर पैकेट को वैक्यूम-सील्ड काली पॉलीथीन की दो परतों में लपेटा गया था।
पैकेट खुलने पर अंदर पीले-हरे रंग के सूखे फूल मिले जिनसे तीखी गंध आ रही थी। नारकोटिक ड्रग फील्ड टेस्टिंग किट से की गई प्रारंभिक जांच में इस पदार्थ की पहचान मारिजुआना/गांजा (हाइड्रोपोनिक वीड) के रूप में की गई।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
10.642 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड को पैकिंग सामग्री सहित NDPS एक्ट, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत औपचारिक रूप से जब्त कर लिया गया। आरोपी भारतीय नागरिक को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उसे 18 नवंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। बैंकॉक, दुबई और कुआलालंपुर जैसे मार्गों से भारत में हाइड्रोपोनिक गांजे की आवक बढ़ने की जानकारी सामने आती रही है।
आगे की जांच
अधिकारियों के अनुसार इस तस्करी में शामिल संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है। कस्टम्स विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह खेप भारत में किसे पहुँचाई जानी थी और इस नेटवर्क के अन्य सदस्य कहाँ हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।