20 अक्टूबर 2026
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पुणे एयरपोर्ट पर ₹44.27 लाख का हाइड्रोपोनिक वीड जब्त, बैंकॉक से आया यात्री गिरफ्तार

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पुणे एयरपोर्ट पर ₹44.27 लाख का हाइड्रोपोनिक वीड जब्त, बैंकॉक से आया यात्री गिरफ्तार

सारांश

बैंकॉक से पुणे आए एक यात्री के ट्रॉली बैग की गुप्त कैविटी में छिपाया गया ₹44.27 लाख मूल्य का 1.265 किलो हाइड्रोपोनिक वीड — AIU और पुणे कस्टम्स की सतर्कता ने अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की एक कड़ी उजागर की।

मुख्य बातें

पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 19-20 अक्टूबर 2026 को 1.265 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड जब्त की गई।
अवैध बाजार में खेप की अनुमानित कीमत ₹44.27 लाख आँकी गई।
नशीला पदार्थ एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान IX-241 से बैंकॉक से आए यात्री के ट्रॉली बैग की दो गुप्त कैविटी में छिपाया गया था।
AIU और पुणे कस्टम्स ने यात्री को गिरफ्तार किया; अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा।
मामला NDPS अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज; अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जाँच जारी।

पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 20 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के पास से 1.265 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता वाला गांजा) बरामद किया। अवैध बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत ₹44.27 लाख आंकी गई है। गिरफ्तार यात्री को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

कैसे हुई बरामदगी

यात्री 19 अक्टूबर 2026 को एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान IX-241 से बैंकॉक से लोहेगांव हवाई अड्डे, पुणे पहुँचा था। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) और पुणे कस्टम्स की एयरपोर्ट टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर उसे रोककर तलाशी ली।

अधिकारियों के अनुसार, यात्री के काले रंग के ट्रॉली बैग की बारीकी से जाँच की गई। बैग की साइड लाइनिंग के अंदर विशेष रूप से बनाई गई दो गुप्त खानों (कैविटी) में प्रतिबंधित सामान छिपाया गया था, जो यात्री के निजी सामान के नीचे दबी हुई थीं।

जब अधिकारियों ने बैग की अंदरूनी लाइनिंग खोली, तो उन्हें वैक्यूम-सीलबंद प्लास्टिक के दो पैकेट मिले, जिनमें पीले-हरे रंग का सूखा वनस्पति पदार्थ भरा था। शुरुआती फील्ड टेस्ट से इसके हाइड्रोपोनिक वीड होने की पुष्टि हुई।

एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

बरामद सामग्री को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत तत्काल जब्त कर लिया गया। इसके बाद यात्री को NDPS अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया और सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

तस्करी नेटवर्क की जाँच जारी

सीमा शुल्क अधिकारियों ने नशीले पदार्थ के स्रोत का पता लगाने और कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जाँच शुरू कर दी है। जाँचकर्ता गिरफ्तार यात्री की संभावित सप्लाई चेन और तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों से उसके संबंधों की भी पड़ताल कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह मामला उस बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें तस्कर हवाई अड्डों पर सुरक्षा जाँच को चकमा देने के लिए ट्रॉली बैग में गुप्त खाने बनाकर प्रतिबंधित पदार्थ छिपाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत के प्रमुख हवाई अड्डों तक ड्रग तस्करी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

आगे क्या होगा

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जाँच आगे बढ़ने के साथ और अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुणे कस्टम्स और AIU की संयुक्त टीम अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के संभावित सूत्रों को खंगाल रही है ताकि इस मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों तक पहुँचा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर बैंकॉक, भारतीय शहरों तक हाई-ग्रेड कैनबिस पहुँचाने का प्रमुख माध्यम बनता जा रहा है। ट्रॉली बैग में इंजीनियर्ड कैविटी का इस्तेमाल बताता है कि तस्करी नेटवर्क पेशेवर और संगठित है — यह कोई अनजान व्यक्ति की सहज कोशिश नहीं। असली सवाल यह है कि क्या जाँच एजेंसियाँ केवल वाहक (कैरियर) तक सीमित रहेंगी या आपूर्ति श्रृंखला के ऊपरी सिरे तक पहुँचेंगी — क्योंकि ऐसे मामलों में गिरफ्तार यात्री अक्सर नेटवर्क की सबसे निचली कड़ी होते हैं।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे एयरपोर्ट पर जब्त हाइड्रोपोनिक वीड क्या है?
हाइड्रोपोनिक वीड एक उच्च गुणवत्ता वाला गांजा है जिसे मिट्टी के बजाय पोषक तत्वों से भरे पानी में उगाया जाता है। पुणे मामले में जब्त 1.265 किलोग्राम सामग्री वैक्यूम-सीलबंद पैकेट में थी और इसकी अवैध बाजार में कीमत ₹44.27 लाख आँकी गई है।
यात्री को किस कानून के तहत गिरफ्तार किया गया?
यात्री को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
तस्करी का यह सामान बैग में कैसे छिपाया गया था?
अधिकारियों के अनुसार, यात्री के काले ट्रॉली बैग की साइड लाइनिंग के अंदर दो विशेष रूप से निर्मित गुप्त खाने (कैविटी) बनाई गई थीं। इन्हें निजी सामान के नीचे छिपाया गया था और अंदर वैक्यूम-सीलबंद पैकेट रखे गए थे।
इस मामले में आगे क्या जाँच हो रही है?
पुणे कस्टम्स और एयर इंटेलिजेंस यूनिट अब नशीले पदार्थ के स्रोत और कथित अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं। गिरफ्तार यात्री की सप्लाई चेन और नेटवर्क से उसके संबंधों की भी जाँच की जा रही है।
क्या भारतीय हवाई अड्डों पर ऐसी ड्रग तस्करी पहले भी हुई है?
हाँ, दक्षिण-पूर्व एशियाई रूट से भारत के प्रमुख हवाई अड्डों तक ड्रग तस्करी के मामले पहले भी सामने आए हैं। तस्करी के लिए बैग में गुप्त खाने बनाना एक जानी-मानी पद्धति है, जिसे रोकने के लिए AIU और कस्टम्स एजेंसियाँ उन्नत स्कैनिंग तकनीक का उपयोग कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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