अहमदाबाद हवाई अड्डे पर 1.93 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त, बैंकॉक से लौटे पति-पत्नी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SVPIA) पर सीमा शुल्क विभाग की वायु खुफिया इकाई (AIU) ने बुधवार, 2 सितंबर को बैंकॉक से आई थाई एयरवेज की उड़ान TG-343 के दो यात्रियों को पकड़ा और उनके ट्रॉली बैग में छिपाए गए 1.928 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (गांजा) जब्त किया। गिरफ्तार दोनों यात्री वडोदरा के रहने वाले लगभग 50 वर्षीय पति-पत्नी हैं। यह SVPIA पर मात्र दो दिनों में दूसरी बड़ी नशीले पदार्थ की जब्ती है।
कैसे हुई जब्ती
अहमदाबाद सीमा शुल्क की AIU ने यात्री प्रोफाइलिंग और एक्स-रे स्कैनिंग के आधार पर संदिग्ध दंपती को रोका। सामान की विस्तृत जाँच में अधिकारियों ने ट्रॉली बैग के भीतर विशेष रूप से तैयार किए गए छुपे हुए स्थानों का पता लगाया। वहाँ से वैक्यूम-पैक पारदर्शी पॉलीथीन पैकेट में बंद हरे रंग का पदार्थ बरामद हुआ।
प्रारंभिक परीक्षण में इसकी पुष्टि गांजे के रूप में हुई। अहमदाबाद सीमा शुल्क के अनुसार, कुल 10 पैकेटों में 1,928 ग्राम प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया। कानूनी प्रावधानों के तहत सामग्री जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है।
एक दिन पहले भी हुई थी बड़ी जब्ती
यह घटना उस कार्रवाई के ठीक एक दिन बाद हुई जब अहमदाबाद सीमा शुल्क ने 31 अगस्त को हो ची मिन्ह सिटी से उड़ान VJ-1805 से आए म्यांमार मूल के एक विदेशी नागरिक को पकड़ा था। उस यात्री के ट्रॉली बैग में कथित तौर पर 6,073.7 ग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना छिपाया गया था। यात्री प्रोफाइलिंग, एक्स-रे स्कैनिंग और एक प्रशिक्षित खोजी कुत्ते के संकेत के बाद वह कार्रवाई की गई थी। NDPS अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत 6.073 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ जब्त कर उस यात्री को भी गिरफ्तार किया गया था।
दो दिनों में दूसरी जब्ती का संदेश
गौरतलब है कि SVPIA पर लगातार दो दिनों में दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाली उड़ानों में हाइड्रोपोनिक गांजे की बड़ी खेप पकड़ी गई। यह ऐसे समय में आया है जब हवाई मार्ग से नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर सीमा शुल्क विभाग की चौकसी बढ़ाई गई है। दोनों मामलों में तस्करी का तरीका एक जैसा रहा — ट्रॉली बैग में विशेष रूप से बनाई गई छुपी जगह।
आगे क्या होगा
दोनों मामलों में जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन खेपों का अंतिम गंतव्य और आपूर्ति नेटवर्क क्या था। NDPS अधिनियम के तहत दोषसिद्धि पर कठोर दंड का प्रावधान है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।