कांग्रेस ने बारामती से अपने उम्मीदवार को वापस लेने का निर्णय लिया, हाईकमान की मंजूरी का इंतजार: विजय वडेट्टीवार
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार को वापस लेने का निर्णय लिया है।
- निर्णय स्थानीय नेताओं की सहमति पर आधारित है।
- उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुनाव पर जोर है।
- यह निर्णय अजीत पवार के प्रति सम्मान दर्शाता है।
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बारामती उपचुनाव को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने गुरुवार को बताया कि पार्टी के उम्मीदवार आकाश मोरे अपने नामांकन को वापस लेने की तैयारी में हैं।
वडेट्टीवार ने कहा कि राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और कई वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि पार्टी को नामांकन वापस लेना चाहिए। इस समय राज्य अध्यक्ष इस संदेश को कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचा रहे हैं और उनकी मंजूरी के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि गुरुवार को दोपहर 3 बजे तक है। इस उपचुनाव में कुल 47 उम्मीदवार हैं, जिनमें एनसीपी की उम्मीदवार और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और कांग्रेस के आकाश मोरे शामिल हैं। यह सीट 28 जनवरी को पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बाद से खाली हुई थी।
वडेट्टीवार के बयान के कुछ समय पहले उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राज्य कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल से अनुरोध किया था कि कांग्रेस का उम्मीदवार वापस लिया जाए। इसके अलावा, एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने भी सपकाल से मुलाकात की और कांग्रेस उम्मीदवार को वापस लेने का आग्रह किया ताकि सुनेत्रा पवार निर्विरोध चुनाव जीत सकें।
एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने भी कांग्रेस हाईकमान से चर्चा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्तिगत रूप से हर्षवर्धन सपकाल को फोन कर सहयोग की अपील की है। एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी कांग्रेस से अपने उम्मीदवार को वापस लेने का अनुरोध किया।
वडेट्टीवार ने कहा कि चूंकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार चुनाव में हैं और स्थानीय स्थिति को देखते हुए यह उचित है कि कांग्रेस इस चुनाव से पीछे हट जाए। स्थानीय नेताओं के बीच भी इस पर सहमति बन गई है। हाईकमान से निर्देश मिलने के बाद औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि एनसीपी ने बार-बार निर्विरोध चुनाव की अपील की है। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए और अजीत पवार के प्रति सम्मान की भावना के कारण यह निर्णय लिया गया है। कई लोग मानते हैं कि अजीत पवार के परिवार की सदस्य चुनाव लड़ रही हैं, इसलिए सीट पर किसी अन्य को चुनौती नहीं देनी चाहिए।
वडेट्टीवार ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को कई फोन आए हैं, जिसमें सत्ताधारी दल और सुनेत्रा पवार ने भी उनसे संपर्क किया है। सभी की भावनाओं और परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी ने पीछे हटने का निर्णय लिया है।
हालांकि, विजय वडेट्टीवार द्वारा नामांकन वापस लेने की सार्वजनिक घोषणा के बावजूद, सूत्रों के अनुसार अभी तक कोई आधिकारिक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हैं, जिसमें रमेश चेन्निथला और राज्य अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल भी शामिल हैं।
वहीं, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी के विधायक छगन भुजबल ने महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को फ़ोन कर कांग्रेस से अपना उम्मीदवार वापस लेने का अनुरोध किया है।