क्या कांग्रेस के दही चूड़ा भोज में विधायक रहे नदारद?
सारांश
Key Takeaways
- दही चूड़ा भोज बिहार में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परंपरा है।
- कांग्रेस के विधायकों की अनुपस्थिति ने कई सवाल उठाए।
- प्रदेश अध्यक्ष ने एकजुटता का दावा किया है।
- आगामी भोजों में एनडीए के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
पटना, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में मकर संक्रांति के अवसर पर राजनीतिक दलों द्वारा दही चूड़ा भोज का आयोजन एक परंपरा बन चुकी है। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी प्रदेश कार्यालय में दही चूड़ा भोज का आयोजन किया।
हालांकि, इस भोज की रौनक कांग्रेस के छह विधायकों की अनुपस्थिति के कारण कुछ कम हो गई। कांग्रेस के इस भोज में विधायकों की गैरहाजिरी को लेकर प्रदेश की राजनीति में कई अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
एनडीए के नेताओं का कहना है कि कांग्रेस विधायकों की नजदीकियां एनडीए की ओर बढ़ गई हैं। लेकिन प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का कहना है कि कांग्रेस के सभी छह विधायक एकजुट हैं।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारे सभी छह विधायक एकजुट हैं। हम यह भी कह सकते हैं कि जदयू और भाजपा के विधायक भी हमारे संपर्क में हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वे लगातार दो टर्म से विधायक रहे हैं। ऐसी बातें हमेशा चलती रहती हैं, लेकिन जो टूटते हैं, उनका पता भी नहीं चलता है।
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जब वोटों की चोरी होती है, तब ही पता चलता है? उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे सभी छह विधायक एकजुट हैं। यदि किसी को समाचार बनाना है, तो इस तरह के मुद्दे उठाते रहेंगे। लेकिन राजनीति में जो कहा जाता है, वो नहीं किया जाता और जो किया जाता है, वो किसी को नहीं बताया जाता।
बिहार में दही चूड़ा भोज को लेकर हलचल बनी हुई है। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा भी चूड़ा दही भोज का आयोजन किया गया है, जबकि 14 जनवरी को बिहार के पूर्व मंत्री और राजद अध्यक्ष लालू यादव के पुत्र तेजप्रताप यादव ने भी चूड़ा दही भोज की व्यवस्था की है। इस भोज में शामिल होने के लिए उन्होंने एनडीए के नेताओं को भी आमंत्रित किया है।