कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए नया घोषणापत्र जारी किया, आर्थिक विकास को दी प्राथमिकता
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल के लिए कांग्रेस का नया घोषणापत्र
- आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर जोर
- कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर तीखे हमले किए
- खड़गे का दावा, सरकारी सहायता वितरण नहीं है प्राथमिकता
- युवाओं के पलायन की चिंता
कोलकाता, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र प्रस्तुत किया। इस दस्तावेज़ में सरकारी सहायता वितरण के बजाय राजकोषीय स्थिति में सुधार, निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए एक वैकल्पिक आर्थिक मॉडल को प्राथमिकता दी गई है।
घोषणापत्र जारी करने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि पार्टी सरकारी सहायता वितरण के वादों के बजाय आर्थिक विकास को क्यों महत्व दे रही है।
खड़गे ने कहा, "हम पश्चिम बंगाल के निवासियों को नए विकल्प प्रदान करना चाहते हैं। इसलिए हमारे घोषणापत्र में सरकारी सहायता वितरण का उल्लेख नहीं है। इसमें राज्य की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और सुधार की चर्चा की गई है।"
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस दोनों पर तीखे हमले किए और दोनों को समान श्रेणी में रखा, बावजूद इसके कि तृणमूल कांग्रेस कांग्रेस के नेतृत्व वाले भारतीय राष्ट्रीय विकास समावेशी गठबंधन का हिस्सा है।
खड़गे ने यह भी कहा कि पहले जब कोई उद्योग की चर्चा करता था, तो वह कोलकाता की बात करता था। अब पश्चिम बंगाल के युवा महाराष्ट्र, चेन्नई और हैदराबाद की ओर पलायन कर रहे हैं। यहाँ की स्थिति बहुत चिंताजनक है। युवा डिग्री लेकर निराशा में भटक रहे हैं। यहाँ की सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। भाजपा इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देती और केवल सांप्रदायिक दंगो को बढ़ावा देती है। इसीलिए हमने पश्चिम बंगाल में एक तीसरा विकल्प पेश किया है।
खड़गे ने कहा कि राज्य प्रशासन में भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए हैं। एक राज्य मंत्री के घर से लगभग 50 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। अब पश्चिम बंगाल को कानून के शासन की ओर ले जाने की आवश्यकता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख जयराम रमेश ने खड़गे की बात को दोहराते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार और भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति के बीच फंसे हुए हैं, इसलिए उन्हें एक विकल्प की आवश्यकता है।