क्या राधाकृष्णन को अंबेडकर के सिद्धांतों के अनुसार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए?: नीरज कुमार
सारांश
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पटना, 9 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को नए उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित किए जाने के बाद उन्हें देशभर से बधाइयाँ मिल रही हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही राधाकृष्णन को बधाई देने में पीछे नहीं हैं।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद एक संवैधानिक स्थान है। बहुमत के आधार पर एनडीए के उम्मीदवार की जीत संभावित थी। एनडीए के पास आवश्यक संख्या थी, इसलिए जीत हमारी हुई। जबकि विपक्ष ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी की, परंतु परिणाम स्पष्ट था। राधाकृष्णन को डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सिद्धांतों के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
भाजपा विधायक संजय चौरसिया ने कहा कि स्वाभाविक रूप से जीत की संभावना पहले से ही थी। इसलिए राधाकृष्णन को हार्दिक शुभकामनाएँ।
वहीं, राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सबसे पहले राधाकृष्णन को बधाई देते हैं और यह आशा करते हैं कि वह संवैधानिक कर्तव्यों, संवैधानिक आचरण, उच्च सदन की परंपरा और मर्यादा को बनाए रखेंगे। मतदान के दौरान जनता द्वारा लगाए गए मतदान चोरी के आरोपों की प्रमाणिकता भी सामने आई है। जो लोग मतदान चोरी से जीते थे, उनका निश्चित रूप से उपयोग किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन और इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला था। सीपी राधाकृष्णन को 452 मत मिले और उन्होंने जीत हासिल की। चार दशकों से अधिक समय से राजनीति और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय सीपी राधाकृष्णन अब उपराष्ट्रपति के रूप में नई जिम्मेदारी निभाएंगे।
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से पहले लोधी कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर जाकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया था।