4 अक्टूबर 2026
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जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मजीगाम ग्राम सभा में स्वच्छता को सामूहिक दायित्व बनाने का आह्वान किया

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जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मजीगाम ग्राम सभा में स्वच्छता को सामूहिक दायित्व बनाने का आह्वान किया

सारांश

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने स्वच्छ भारत दिवस पर गुजरात के नवसारी जिले के मजीगाम गाँव में विशेष ग्राम सभा को संबोधित कर स्वच्छता को एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जीवन-मूल्य बनाने का आह्वान किया। कचरा प्रबंधन और ओडीएफ प्लस की समीक्षा भी हुई।

मुख्य बातें

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस पर गुजरात के नवसारी जिले के मजीगाम गाँव में विशेष ग्राम सभा में भाग लिया।
सभा में स्वच्छता ही सेवा 2026 की उपलब्धियों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर चर्चा हुई।
पाटिल ने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया और गांधीजी के स्वच्छता-विचारों का उल्लेख किया।
ओडीएफ प्लस (मॉडल) ग्राम पंचायतों में स्वच्छ सेवा आकलन तथा चार स्तरीय कचरा पृथक्करण की प्रगति की समीक्षा की गई।
देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर गुजरात के नवसारी जिले के चिखली ब्लॉक स्थित मजीगाम गाँव में आयोजित विशेष ग्राम सभा में नागरिकों से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन, आचरण और सामूहिक उत्तरदायित्व का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे न स्वयं गंदगी फैलाएंगे और न ही किसी अन्य को ऐसा करने देंगे।

ग्राम सभा में क्या हुआ

इस विशेष ग्राम सभा में जल शक्ति मंत्री पाटिल ने सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया और स्वच्छता के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की। कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा 2026 की उपलब्धियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 और स्वच्छ सेवा आकलन जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वच्छ सेवा आकलन पर प्रेजेंटेशन भी दिया।

बैठक में गुजरात के मंत्री नरेश पटेल, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक ऐश्वर्या सिंह, जिला कलेक्टर, जिला विकास अधिकारी तथा राज्य एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

गांधीजी के विचारों से जोड़ा स्वच्छता का संदेश

पाटिल ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के स्वच्छता-संबंधी विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने 'स्वतंत्रता' के साथ-साथ 'स्वच्छता' को भी उतना ही महत्त्व दिया था। पाटिल ने यह भी रेखांकित किया कि स्वाधीनता के पश्चात स्वच्छता के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं।

उन्होंने कहा, 'स्वच्छ भारत मिशन के रूप में देशव्यापी जन-आंदोलन ने ग्रामीण स्वच्छता की स्थिति में बुनियादी बदलाव किया है। जन-भागीदारी जमीनी स्तर पर इस मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रही है।'

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और ओडीएफ प्लस पर समीक्षा

ग्राम सभा के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुसार चार स्तरों पर कचरे को अलग करने की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले स्रोतों की पहचान और उनके पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। ओडीएफ प्लस (मॉडल) ग्राम पंचायतों में स्वच्छ सेवा आकलन की प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

गौरतलब है कि स्वच्छ सेवा आकलन ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन व्यवस्था है, जो पंचायतों को अपनी स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति स्वयं परखने का अवसर देती है।

देशभर में ग्राम सभाओं का आयोजन

2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के उपलक्ष्य में स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्राम पंचायतों और ग्रामीण समुदायों को स्थानीय स्तर पर स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन के प्रयासों की समीक्षा करने का अवसर मिला।

इन सभाओं का उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था में विद्यमान कमियों की पहचान कर उन्हें ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल करना था, ताकि जमीनी स्तर पर विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

आने वाले समय में इन ग्राम सभाओं के निष्कर्षों के आधार पर पंचायत विकास योजनाओं को और अधिक लक्षित एवं प्रभावी बनाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ग्राम सभाओं में हुई समीक्षा के निष्कर्ष वास्तव में पंचायत विकास योजनाओं में कितनी बार और कितनी पारदर्शिता से शामिल होते हैं। ओडीएफ प्लस और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 जैसे ढाँचों की घोषणाएं प्रशंसनीय हैं, परंतु जमीनी क्रियान्वयन में जवाबदेही तंत्र की अनुपस्थिति एक चिरपरिचित चुनौती बनी हुई है। डिजिटल स्व-मूल्यांकन पर निर्भरता तब तक विश्वसनीय नहीं मानी जा सकती जब तक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष सत्यापन न हो।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीआर पाटिल ने मजीगाम ग्राम सभा में क्या आह्वान किया?
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 2 अक्टूबर 2026 को नवसारी जिले के मजीगाम गाँव में नागरिकों से स्वच्छता को दैनिक जीवन और सामूहिक दायित्व का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से संकल्प लेने को कहा कि वे न स्वयं गंदगी फैलाएंगे और न दूसरों को फैलाने देंगे।
स्वच्छता ही सेवा 2026 क्या है?
स्वच्छता ही सेवा 2026 स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत चलाया जाने वाला एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसके तहत 2 अक्टूबर 2026 को देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं में स्वच्छता गतिविधियों की समीक्षा और कचरा प्रबंधन की स्थिति आंकी गई।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में क्या प्रावधान हैं?
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत कचरे को चार स्तरों पर अलग-अलग करने की व्यवस्था की गई है। इसमें बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले स्रोतों की पहचान और उनका पंजीकरण भी शामिल है।
स्वच्छ सेवा आकलन क्या होता है?
स्वच्छ सेवा आकलन ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित वार्षिक डिजिटल स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया है। इसके माध्यम से पंचायतें अपनी स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति का आकलन खुद करती हैं और सुधार की दिशा तय करती हैं।
इन ग्राम सभाओं का उद्देश्य क्या था?
इन विशेष ग्राम सभाओं का उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) में शामिल करना था। इससे जमीनी स्तर पर विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना संभव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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