क्या चक्रवात दितवाह 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है?: आईएमडी चेन्नई
सारांश
Key Takeaways
- चक्रवात दितवाह की रफ्तार 5 किलोमीटर प्रति घंटे है।
- यह चक्रवात अब एक गहरे दबाव में बदल चुका है।
- अगले 24 घंटों में इसके कमजोर होने की संभावना है।
- इसका प्रभाव कई जिलों में भारी बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है।
- अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों का पालन करने का निर्देश दिया है।
चेन्नई, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तमिलनाडु–पुडुचेरी तट के निकट उत्पन्न हुआ चक्रवात दितवाह अब 5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर दिशा में बढ़ रहा है और यह एक गहरे दबाव में परिवर्तित हो चुका है।
आईएमडी चेन्नई के अनुसार, 30 नवंबर को शाम 5:30 बजे यह कुड्डालोर से 90 किमी पूर्व, कराईकल से 130 किमी उत्तर-पूर्व, पुडुचेरी से 90 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और चेन्नई से 140 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। यह प्रणाली तट से मात्र 80 किमी की दूरी पर है।
अगले 24 घंटों में इसके और कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। रविवार रात यह तट से लगभग 40 किमी और सोमवार सुबह लगभग 20 किमी की दूरी पर पहुंच सकता है। इस चक्रवात की निगरानी कराईकल और चेन्नई स्थित डॉप्लर मौसम रडार के माध्यम से की जा रही है।
चक्रवात दितवाह के प्रभाव से चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर, तंजावुर, तिरुचिरापल्ली और रानीपेट जैसे कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। कई स्थानों पर इसके प्रति अलर्ट जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से निवेदन किया है कि वे घर के अंदर रहें, निचले क्षेत्रों या तटीय क्षेत्रों से बचें तथा सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करें। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने चक्रवात दितवाह के दौरान सेवाओं में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक और उनकी टीमों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को मंडल, क्षेत्रीय और रेलवे बोर्ड स्तर पर निरंतर निगरानी के लिए वॉर रूम सक्रिय करने के निर्देश दिए। ट्रेनों के रद्द, डायवर्जन या देरी से प्रभावित यात्रियों की सहायता के लिए समर्पित हेल्पलाइन और यात्री सहायता डेस्क स्थापित किए जा रहे हैं। मंत्री ने सामान्य स्थिति बहाल होने तक अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने और यात्रियों के साथ संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने भी भारी तबाही मचाई है। भारतीय वायुसेना श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान चला रही है।