वाराणसी दालमंडी ध्वस्तीकरण: PWD की निगरानी में 100 से अधिक ढाँचे गिराए जाएंगे, ₹215.88 करोड़ की मॉडल सड़क परियोजना
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) की सीधी निगरानी में 100 से अधिक अवैध ढाँचों को गिराने का अभियान 8 जून 2026 को भी जारी रहा। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अतुल अंजन त्रिपाठी ने पुष्टि की कि पूरे कार्य की देखरेख के लिए PWD की एक विशेष टीम गठित की गई है और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। यह अभियान ₹215.88 करोड़ की उस परियोजना का हिस्सा है जिसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे पर किया था।
मुख्य घटनाक्रम
ACP त्रिपाठी के अनुसार, पाँच और छह मंजिला इमारतों को तोड़ने के लिए PWD ने पोकलेन मशीन मँगवाई है। इसके अतिरिक्त 14 नए भवनों पर ध्वस्तीकरण की मुनादी भी करवाई जा चुकी है और इन सभी की रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है। 11 जून और 15 जून को और अधिक ढाँचे गिराने की योजना है।
सोमवार को कुल 187 संपत्तियाँ चिह्नित की गई थीं — जिनमें 181 मकान और 6 मस्जिदें शामिल हैं। इस क्षेत्र में करीब 1,400 दुकानें भी थीं। अब तक 60 मकान गिराए जा चुके हैं जबकि 121 मकान और 6 मस्जिदें अभी शेष हैं। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मस्जिदों को नहीं तोड़ा जा रहा — उन्हें अभियान के अंतिम चरण में लिया जाएगा।
परियोजना की पृष्ठभूमि
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना की शुरुआत 29 अक्टूबर 2025 को हुई थी, जब PWD ने पहली बार मकान तोड़ना शुरू किया। यह ऐसे समय में आया है जब वाराणसी की संकरी गलियों में यातायात जाम एक पुरानी समस्या रही है। विभाग के अनुसार, जर्जर और खतरनाक भवनों को प्राथमिकता के आधार पर ध्वस्त किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹215.88 करोड़ जारी किए हैं। इसके अलावा 186 भवन एवं दुकान स्वामियों को मुआवजे के रूप में ₹191 करोड़ दिए जाने की व्यवस्था है।
आम जनता और व्यापारियों पर असर
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इस अभियान का स्वागत किया है। उनका कहना है कि चौड़ीकरण के बाद न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि क्षेत्र की समग्र सुंदरता में भी सुधार होगा। दालमंडी गली को एक मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है, जो वाराणसी के बदलते शहरी परिदृश्य का प्रतीक बनेगी।
सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस प्रशासन ने पूरे ध्वस्तीकरण क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा तैनात की है। ACP त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि PWD टीम और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कार्य बिना किसी अवरोध के पूर्ण हो। गौरतलब है कि यह परियोजना वाराणसी के शहरी विकास की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
11 जून और 15 जून को अगले चरण की कार्रवाई निर्धारित है। शेष 121 मकानों के गिराए जाने के बाद दालमंडी को मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने का काम तेज होगा। मस्जिदों के संदर्भ में अंतिम निर्णय अभियान के बाद के चरण में लिया जाएगा।