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क्या दार्जिलिंग में बादल फटने और भारी बारिश ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है?

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क्या दार्जिलिंग में बादल फटने और भारी बारिश ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है?

सारांश

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र की बुनियादी संरचना को बुरी तरह प्रभावित किया है। जान-माल के नुकसान के संदर्भ में हालात चिंताजनक हैं। जानिए इस स्थिति पर सांसदों की क्या राय है।

मुख्य बातें

दार्जिलिंग में बादल फटने से स्थिति गंभीर हो गई है।
भूस्खलन ने बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाया है।
सरकार राहत कार्यों में जुटी है।
जलवायु परिवर्तन इस आपदा का एक कारण है।
सिक्किम से संपर्क टूट गया है।

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने एक भयावह स्थिति उत्पन्न कर दी है। इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जिसके परिणामस्वरूप सड़कें बर्बाद हो गई हैं और अनेक लोग फंस गए हैं।

राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि इस आपदा में कम से कम 20 लोगों की जान गई है और मृतकों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। घरों, संपत्तियों और सड़कों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

हर्षवर्धन ने कहा, "मैं दार्जिलिंग क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता हूं, मैंने अपनी सांसद निधि और अन्य सहायता राशि आवंटित की है, लेकिन यह आपदा अभूतपूर्व है। बादल फटने और भारी बारिश ने दार्जिलिंग की पहाड़ियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सिक्किम से भी संपर्क टूट गया है, क्योंकि हाईवे क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जो इस क्षेत्र की जीवन रेखा हैं।"

उन्होंने बंगाल सरकार से इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है, ताकि केंद्र सरकार त्वरित कार्रवाई कर सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दार्जिलिंग में हुए नुकसान पर अपनी संवेदना व्यक्त की है। इस पर हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी का संदेश दार्जिलिंग के लोगों के लिए हौसला बढ़ाने वाला है। उनकी चिंता और नेतृत्व लोगों को आश्वासन देता है। उनके मार्गदर्शन में स्थिति को सुधारने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे।"

उन्होंने जलवायु परिवर्तन को इस तरह की आपदाओं का एक प्रमुख कारण बताते हुए वृक्षारोपण जैसे निवारक उपायों पर जोर दिया।

श्रृंगला ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, "हम फंसे हुए लोगों को बचाने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सिक्किम और दार्जिलिंग के बीच संपर्क बहाली के लिए सड़कों की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी काम चल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश की जा रही है।"

हर्षवर्धन श्रृंगला ने कोलंबिया में लोकसभा नेता राहुल गांधी के हालिया भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, "हमारे देश में राजनीतिक मुद्दों और बहसों को संबोधित करने के लिए उचित मंच हैं, जैसे संसद, मीडिया और जनता से सीधा संवाद। विदेश जाकर भारत के खिलाफ बोलना सही नहीं है। कोलंबिया में जाकर हमारे देश की आलोचना करने की क्या आवश्यकता है?"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दार्जिलिंग में बारिश के कारण क्या हुआ?
दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन ने बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।
इस आपदा में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
इस आपदा में कम से कम 20 लोगों की जान गई है और कई लोग घायल हुए हैं।
सरकार ने इस स्थिति में क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
क्या यह आपदा राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाएगी?
हर्षवर्धन श्रृंगला ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है।
जलवायु परिवर्तन का इस पर क्या असर है?
जलवायु परिवर्तन इस तरह की आपदाओं का एक प्रमुख कारण है।
राष्ट्र प्रेस
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