31 जुलाई 2026
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, सीएम योगी से हुई मुलाकात

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, सीएम योगी से हुई मुलाकात

सारांश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एयरोड्रम लाइसेंस की प्राप्ति एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कदम एयरपोर्ट के उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की दिशा में एक नया अध्याय खोलता है।

मुख्य बातें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात में लाइसेंस प्रस्तुत किया गया।
एयरपोर्ट का उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया शुरू होगी।
एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है।
यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय परिवहन और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लखनऊ, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर भारत सरकार द्वारा जारी एयरोड्रम लाइसेंस प्रस्तुत किया। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट के उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की दिशा में कार्यवाही शुरू होगी। एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन और उनके साथ आए वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और आने वाले चरणों की जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि एयरोड्रम लाइसेंस के बाद अब नियामकीय स्वीकृतियों की अंतिम प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।

एयरपोर्ट का एयरोड्रम सुरक्षा प्रोग्राम वर्तमान में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के पास समीक्षा के लिए लंबित है। जैसे ही सुरक्षा से जुड़ी मंजूरी मिल जाएगी, एयरपोर्ट प्रबंधन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर औपचारिक उद्घाटन और वाणिज्यिक संचालन की तिथि निश्चित करेगा। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है।

इस एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य का समन्वय देखने को मिलेगा। एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल भवन का निर्माण किया गया है, जिसकी क्षमता प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। तीसरे और चौथे चरण में विस्तार के बाद कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने की योजना है।

पहले चरण में टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल लगभग 1.38 लाख वर्गमीटर है, जिसमें 48 चेक इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लाउंज भी विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, यहां 10 एयरोब्रिज और 28 विमान पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था की गई है। रनवे पर प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है। एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार किया जा रहा है।

प्रारंभिक चरण में इसकी क्षमता लगभग 2.5 लाख टन कार्गो प्रति वर्ष होगी, जिसे आगे चलकर 15 लाख टन तक बढ़ाने की योजना है। तकनीकी दृष्टि से भी यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहाँ डिजीयात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं लागू की जा रही हैं ताकि यात्रियों को तेज और सहज यात्रा का अनुभव मिल सके।

सतत विकास को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट को नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। परिसर में सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का एयरोड्रम लाइसेंस कब मिला?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का एयरोड्रम लाइसेंस 10 मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान प्राप्त हुआ।
इस एयरपोर्ट का उद्घाटन कब होगा?
एयरपोर्ट का उद्घाटन नियामकीय स्वीकृति के बाद तय किया जाएगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास किस प्रकार किया जा रहा है?
यह एयरपोर्ट चार चरणों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल बनाया गया है।
एयरपोर्ट की यात्री क्षमता कितनी होगी?
पहले चरण में एयरपोर्ट की क्षमता लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी।
इस एयरपोर्ट के सुरक्षा उपाय क्या हैं?
एयरपोर्ट में डिजीयात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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