दतिया उपचुनाव: कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा को 6,000 से अधिक मतों से हराया, लगातार दूसरी जीत
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 6,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। 3 अगस्त को पूरी हुई मतगणना के साथ दतिया में कांग्रेस की यह लगातार दूसरी विधानसभा जीत दर्ज हो गई।
मतगणना का घटनाक्रम
30 जुलाई को हुए मतदान में 71.44 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित मतगणना 15 राउंड में संपन्न हुई। गणना के पहले और पाँचवें राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने बढ़त बनाई, किंतु इसके बाद 13वें राउंड तक कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की बढ़त लगातार बढ़ती रही। अंतिम चरण में तिवारी ने अंतर कम करने का प्रयास किया, परंतु अंतिम परिणाम कांग्रेस के पक्ष में रहा।
मतगणना के लिए कुल 21 काउंटर स्थापित किए गए थे — 20 काउंटर ईवीएम मतों की गणना के लिए और 1 काउंटर डाक मतपत्रों के लिए। प्रत्येक काउंटर पर तीन कर्मचारी तैनात थे, जिन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्य किया।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि 2023 के विधानसभा चुनाव में यहाँ से विजयी कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक एफडी मामले में न्यायालय ने दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाई, जिसके कारण उन्हें अयोग्य घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भारती ने राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था।
यह ऐसे समय में आया है जब दतिया सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी थी। मुकाबले को तीसरे प्रत्याशी दामोदर यादव ने त्रिकोणीय स्वरूप दिया।
कांग्रेस की आंतरिक कार्रवाई
मतगणना शुरू होने से पूर्व ही कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निलंबित कर दिया। पार्टी का आरोप है कि भारती ने उपचुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के विरुद्ध काम किया।
राजनीतिक महत्त्व
गौरतलब है कि दतिया में कांग्रेस की यह लगातार दूसरी जीत मध्य प्रदेश में भाजपा की सत्ता के बावजूद विपक्ष की जमीनी पकड़ को रेखांकित करती है। 2023 से अब तक दतिया सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व बरकरार है।
आगे क्या
घनश्याम सिंह की जीत के साथ दतिया विधानसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व बहाल हो गया है। यह परिणाम मध्य प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ उपचुनाव की संभावना बनी रहती है।