क्या दीपक तिजोरी के साथ फिल्म फंडिंग के नाम पर 2.50 लाख की धोखाधड़ी हुई?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म इंडस्ट्री में धोखाधड़ी एक गंभीर समस्या है।
- सही जानकारी और जांच करना जरूरी है।
- धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस की मदद लेना चाहिए।
- निवेशकों के साथ उचित संवाद बनाना महत्वपूर्ण है।
- सपनों को साकार करने में सतर्कता आवश्यक है।
मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म जगत में जहां सपने बड़े होते हैं, वहीं इन सपनों का फायदा उठाने वाले ठग भी सक्रिय रहते हैं। जब भी किसी नई फिल्म को निवेश की आवश्यकता होती है, तब ठग झूठे दावों और फर्जी पहचान के जरिए फिल्मकारों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। अभिनेता दीपक तिजोरी का भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिन्होंने फिल्म फंडिंग के नाम पर ठगी का आरोप लगाया है।
दीपक तिजोरी, जो कि पिछले कई दशकों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-पहचाना नाम हैं, इन दिनों अपनी आगामी हिंदी फिल्म 'टॉम डिक एंड मैरी' की तैयारी कर रहे थे। फिल्म की स्क्रिप्ट दिसंबर 2024 में तैयार हो चुकी थी और इसके निर्माण के लिए लगभग 25 करोड़ रुपए का निवेश आवश्यक था। इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को बड़े मीडिया और म्यूजिक ग्रुप से जुड़ा बताकर उनसे संपर्क किया, जिससे इस धोखाधड़ी की कहानी शुरू हुई।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, फरवरी 2025 के पहले सप्ताह में कविता शिबाग कपूर नाम की एक महिला दीपक तिजोरी के गोरेगांव पश्चिम स्थित गार्डन एस्टेट में पहुंची। उसने खुद को टी-सीरीज से जुड़ा हुआ बताया और दावा किया कि उसके पास मीडिया इंडस्ट्री में मजबूत संपर्क हैं। बातचीत के दौरान उसने भरोसा दिलाया कि वह फिल्म के लिए मीडिया नेटवर्क से लेटर ऑफ इंटरेस्ट (एलओआई) दिलवा सकती है, जिससे बड़े निवेशकों से फंड जुटाना आसान हो जाएगा।
कुछ दिनों बाद कविता कपूर ने दीपक तिजोरी की मुलाकात अपनी सहयोगी फौजिया आरसी से कराई। दोनों महिलाओं ने मिलकर दावा किया कि एलओआई की प्रक्रिया लगभग तय है और केवल कुछ औपचारिकताएं बची हैं। आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने एक सप्ताह के भीतर एलओआई दिलाने का आश्वासन देते हुए पहले चरण में 2.50 लाख रुपये की मांग की।
21 फरवरी 2025 को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। 22 फरवरी को दीपक तिजोरी ने फौजिया आरसी के बैंक खाते में 2.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो जी नेटवर्क से कोई लेटर ऑफ इंटरेस्ट मिला और न ही पैसे लौटाए गए।
शिकायत में बताया गया है कि तिजोरी की एक जोशी नाम के व्यक्ति से फोन पर बात करवाई गई, जिसे मीडिया नेटवर्क का प्रतिनिधि बताया गया था। लेकिन जब दीपक तिजोरी ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर इस पूरे मामले की सच्चाई जानने की कोशिश की, तो पता चला कि वहां इस नाम का कोई व्यक्ति काम नहीं करता।
धोखाधड़ी का शिकार होने पर दीपक तिजोरी ने मुंबई के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को कविता शिबाग कपूर, फौजिया आरसी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।