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दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 56.36 सेकंड के साथ गोल्ड, तोड़ा अपना ही गेम्स रिकॉर्ड

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दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 56.36 सेकंड के साथ गोल्ड, तोड़ा अपना ही गेम्स रिकॉर्ड

सारांश

तेलंगाना की 23 वर्षीया दीप्ति जीवनजी ने नागोया में एशियन पैरा गेम्स 2026 की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता — अपने 2022 के रिकॉर्ड को 0.23 सेकंड से बेहतर करते हुए। बौद्धिक अक्षमता से लड़कर विश्व रिकॉर्ड तक, यह सफर भारतीय पैरा एथलेटिक्स की नई परिभाषा है।

मुख्य बातें

दीप्ति जीवनजी ने 20 अक्टूबर 2026 को नागोया में एशियन पैरा गेम्स की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
यह उनका लगातार दूसरा एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडल है; उन्होंने अपने ही 2022 के 56.59 सेकंड के रिकॉर्ड को 0.23 सेकंड से बेहतर किया।
वर्ल्ड चैंपियनशिप 2024 में उन्होंने 55.07 सेकंड का विश्व रिकॉर्ड बनाया था और उसी वर्ष स्वर्ण पदक भी जीता।
दीप्ति इसी स्पर्धा की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता भी हैं।
रमेश ने 15 वर्ष की आयु में उनकी प्रतिभा पहचानी और उनके करियर को दिशा दी।

दीप्ति जीवनजी ने 20 अक्टूबर 2026 को नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड का समय निकालकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ 23 वर्षीया तेलंगाना की इस धाविका ने अपने ही पुराने गेम्स रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा में चैंपियन बनीं।

तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

दीप्ति ने 2022 के एशियन पैरा गेम्स में 56.59 सेकंड का समय निकालकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया था। इस बार उन्होंने उसी समय को 0.23 सेकंड से बेहतर करते हुए 56.36 सेकंड का नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उनकी एथलेटिक परिपक्वता का प्रमाण है कि चार साल बाद भी वे अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को और निखार रही हैं।

उपलब्धियों से भरा करियर

दीप्ति एकमात्र ऐसी पैरा एथलीट हैं जो इसी 400 मीटर टी20 स्पर्धा में पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता भी हैं। इसके अलावा वे पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार पदक जीत चुकी हैं, जिसमें 2024 का स्वर्ण पदक भी शामिल है। वर्ल्ड चैंपियनशिप 2024 में उन्होंने 55.07 सेकंड का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया था।

संघर्ष से शिखर तक का सफर

बौद्धिक अक्षमता के बावजूद दीप्ति ने पैरा एथलेटिक्स में जो मुकाम हासिल किया है, वह असाधारण है। जब वे मात्र 15 वर्ष की थीं, तब भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के कोच एन. रमेश ने एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान उनकी प्रतिभा को पहचाना। इसके बाद उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिला और उनके करियर को सही दिशा मिली।

उनके पैरा एथलेटिक्स करियर की औपचारिक शुरुआत 2019 में हांगकांग में आयोजित एशियन यूथ चैंपियनशिप से हुई, जहाँ उन्होंने कांस्य पदक जीता। इसके बाद गुवाहाटी में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2020 में उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर, दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। उनकी निरंतर उपलब्धियों के चलते उन्हें 'खेलो इंडिया एथलीट' का दर्जा भी प्रदान किया गया।

2023 से 2026 तक: लगातार कीर्तिमान

एशियन पैरा गेम्स 2023 में दीप्ति ने न केवल गेम्स रिकॉर्ड बल्कि एशियन रिकॉर्ड भी तोड़कर इतिहास रचा था। 2024 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में विश्व रिकॉर्ड और अब 2026 के एशियन पैरा गेम्स में नया गेम्स रिकॉर्ड — यह सिलसिला दर्शाता है कि दीप्ति पैरा एथलेटिक्स की वैश्विक पटल पर एक स्थायी शक्ति बन चुकी हैं। आने वाले अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारत की उम्मीदें एक बार फिर उनके कंधों पर टिकी होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खेलो इंडिया समर्थन और एथलीट की व्यक्तिगत दृढ़ता के तीन स्तंभों पर टिका है। गौरतलब है कि बौद्धिक अक्षमता श्रेणी के एथलीटों को अक्सर मुख्यधारा की कवरेज में हाशिये पर रखा जाता है, जबकि दीप्ति विश्व रिकॉर्ड धारक हैं। असली सवाल यह है कि क्या उनकी सफलता से प्रेरित होकर सरकार बौद्धिक अक्षमता वर्ग के अन्य पैरा एथलीटों की पहचान और पोषण के लिए व्यवस्थित कार्यक्रम बनाएगी — या यह सफलता केवल सुर्खियों तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीप्ति जीवनजी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
दीप्ति जीवनजी ने 20 अक्टूबर 2026 को नागोया में 400 मीटर टी20 स्पर्धा में 56.36 सेकंड के नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह उनका लगातार दूसरा एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडल है।
दीप्ति जीवनजी का पुराना गेम्स रिकॉर्ड क्या था?
2022 के एशियन पैरा गेम्स में दीप्ति ने 56.59 सेकंड का गेम्स रिकॉर्ड बनाया था। 2026 में उन्होंने इसे 0.23 सेकंड से बेहतर करते हुए 56.36 सेकंड का नया कीर्तिमान स्थापित किया।
दीप्ति जीवनजी की अन्य बड़ी उपलब्धियाँ कौन-सी हैं?
दीप्ति पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता हैं और 2024 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में 55.07 सेकंड का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वे पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में कुल दो बार पदक जीत चुकी हैं।
दीप्ति जीवनजी किस राज्य से हैं और उनके कोच कौन हैं?
दीप्ति जीवनजी तेलंगाना की रहने वाली हैं। SAI के कोच एन. रमेश ने 15 वर्ष की आयु में एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान उनकी प्रतिभा पहचानी और उन्हें प्रशिक्षण देना शुरू किया।
दीप्ति जीवनजी किस पैरा श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करती हैं?
दीप्ति जीवनजी बौद्धिक अक्षमता वर्ग 'टी20' में प्रतिस्पर्धा करती हैं। इस श्रेणी में एथलीटों को बौद्धिक विकलांगता के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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