दिल्ली विधानसभा मानसून सत्र 2026: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 130 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती का लिया जायजा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र 2026 से ठीक पहले स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 6 अगस्त को सदन परिसर की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाओं का व्यापक जायजा लिया। पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुई इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तय किया गया कि सत्र के दौरान सीआरपीएफ के जवानों समेत कुल लगभग 130 सुरक्षाकर्मी बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में तैनात रहेंगे।
सुरक्षा समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
इस उच्चस्तरीय बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अलावा सीआरपीएफ, दिल्ली फायर सर्विस, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड, डिटेक्टिव यूनिट, स्पेशल स्टाफ, लोकल पुलिस, एम्बुलेंस सर्विस के प्रतिनिधि और दिल्ली विधानसभा सचिवालय के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में ऑपरेशनल तैयारी और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के लिए विधानसभा परिसर में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई।
सुरक्षा के नए इंतजाम और बदलाव
बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार, परिसर की बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने और अनधिकृत व्यक्तियों की नजर रोकने के लिए विधानसभा कॉम्प्लेक्स के चारों ओर 'व्यू कटर' लगाए जाएंगे। सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर स्थापित किए जा रहे हैं और एक्सेस कंट्रोल प्रणाली को अपग्रेड किया जा रहा है।
नए प्रोटोकॉल के तहत परिसर में प्रवेश केवल गेट नंबर 1 से ही अनुमत होगा, जबकि शेष सभी द्वार बंद रखे जाएंगे। सीआरपीएफ की एक क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) पहले से ही तैनात कर दी गई है। इसके साथ ही असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक का एक अधिकारी विधानसभा में स्थायी रूप से तैनात रहेगा।
निरंतर निगरानी और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा परिसर के भीतर दिल्ली पुलिस के जवानों के लिए एक अलग कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा।
मानसून सत्र का एजेंडा
विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने तय किया है कि 7 से 11 अगस्त तक चलने वाले आठवीं विधानसभा के छठे सत्र में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे — पब्लिक सर्विस की समय-सीमा के भीतर डिलीवरी, दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड और बेड-एंड-ब्रेकफास्ट एस्टेब्लिशमेंट से संबंधित विधेयक।
इसके अतिरिक्त, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की दो रिपोर्टें और दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) से संबंधित एक अधिसूचना भी सदन के पटल पर रखी जाएगी।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। सत्र के दौरान सुरक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि सदन की कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के संचालित हो।