दिल्ली विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त से, तीन बैठकें; स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बताई पूरी तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार, 4 अगस्त को घोषणा की कि विधानसभा का छठा सत्र 7 अगस्त 2025 से शुरू होगा और इसमें 7, 10 तथा 11 अगस्त को कुल तीन बैठकें आयोजित की जाएंगी। दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू के आदेश के बाद 31 जुलाई को सत्र बुलाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी।
सत्र का कार्यक्रम और संचालन
स्पीकर गुप्ता ने स्पष्ट किया कि तीनों दिन प्रत्येक बैठक तब तक जारी रहेगी जब तक उस दिन का निर्धारित कामकाज पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने यह भी बताया कि सदन के समक्ष प्रस्तुत कार्यसूची के आधार पर बैठक की अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने सत्र को सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए हैं। नियमों के अंतर्गत सभी अनिवार्य नोटिस नेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा किए जाएंगे, और सदस्यों को नोटिस ब्रांच तथा नेवा सेवा केंद्र से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सदस्यों के लिए नोटिस प्रक्रिया
स्पीकर गुप्ता ने बताया कि जो विधायक नियम 280 के तहत मामले उठाना चाहते हैं, वे संबंधित बैठक से पूर्व के कामकाजी दिन शाम 5 बजे तक अपने नोटिस जमा कर सकते हैं। उन्होंने समस्त सदस्यों से निर्धारित प्रक्रियाओं का अनुपालन करने और तीन दिवसीय सत्र के दौरान कामकाज को सार्थक बनाने में सहयोग देने की अपील की।
गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सत्र सदस्यों को जनहित के मुद्दे उठाने और दिल्लीवासियों से जुड़े विषयों पर रचनात्मक चर्चा में भाग लेने का सार्थक अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सूचनापरक बहस, विधायी प्रक्रिया का पालन और जिम्मेदार संचालन सदन की गरिमा एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए अपरिहार्य है।
सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम
विधानसभा परिसर में सुरक्षित, अनुशासित और कुशल माहौल सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। स्पीकर ने बताया कि सभी प्रवेश द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर लगाए जा रहे हैं, एक्सेस-कंट्रोल पॉइंट को सुदृढ़ किया जा रहा है और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाला सुरक्षा तंत्र लागू किया जा रहा है।
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक क्विक रिस्पॉन्स टीम पहले ही तैनात कर दी गई है।
संशोधित एक्सेस प्रोटोकॉल के अनुसार परिसर में प्रवेश केवल गेट नंबर-1 से नियंत्रित होगा, जबकि आवाजाही को सुव्यवस्थित रखने और सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए शेष गेटों पर प्रतिबंध रहेगा।
स्पीकर गुप्ता ने कहा, 'खुफिया जानकारी, तैनाती की रणनीतियों, निगरानी प्रणालियों, संचार नेटवर्क, आपातकालीन योजना, आगंतुक प्रबंधन, तलाशी की प्रक्रियाओं, यातायात नियमन और आपातकालीन तैयारियों — जिनमें चिकित्सा, अग्निशमन और निकासी के इंतजाम शामिल हैं — से जुड़े उपायों को भी मजबूत किया जा रहा है।'
आगे क्या
यह सत्र दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार के कार्यकाल के दौरान आयोजित हो रहा है और विधायकों के लिए लंबित विधायी एवं जनहित के मामले उठाने का अवसर होगा। तीनों बैठकों के एजेंडे पर सदन की कार्यवाही का स्तर और विपक्ष की भागीदारी इस सत्र की उपयोगिता तय करेगी।