क्या दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र से पहले व्यवस्थाओं की समीक्षा की?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 से 8 जनवरी तक चलेगा।
- स्पीकर ने व्यवस्थित चर्चा और जिम्मेदार विधायी आचरण पर जोर दिया।
- नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा।
- सत्र की शुरुआत उपराज्यपाल के संबोधन से होगी।
- सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित और पारदर्शी होंगी।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने रविवार को तैयारियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने दोहराया कि सत्र के दौरान केवल व्यवस्थित चर्चा और जिम्मेदार विधायी आचरण सुनिश्चित किया जाएगा।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सुसंगठित विचार-विमर्श, पारदर्शिता और जिम्मेदार विधायी व्यवहार के सिद्धांतों को दर्शाएगा।”
उन्होंने यह बात दिल्ली विधानसभा सचिवालय और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण के दौरान कही। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आठवीं विधानसभा के चौथे (शीतकालीन) सत्र के दौरान विधानसभा का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए, जो सोमवार से प्रारंभ होगा।
आठवीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 से 8 जनवरी तक चलेगा। सत्र की शुरुआत पहले दिन सुबह 11 बजे उपराज्यपाल वीके सक्सेना के संबोधन से होगी।
रविवार को गुप्ता ने विधानसभा की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें विधायी, प्रशासनिक और तकनीकी व्यवस्थाएं शामिल थीं। यह निरीक्षण विधानसभा सचिवालय और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
निरीक्षण के दौरान गुप्ता ने विधानसभा भवन, सदस्यों के लिए सीट और डेस्क की व्यवस्था, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं की जांच की, जो विधायी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक हैं।
स्पीकर ने सावधानीपूर्वक योजना और विभागों के बीच समन्वय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं विधानसभा के औपचारिक और गंभीर माहौल के अनुरूप होनी चाहिए।
टेक्नोलॉजी पर आधारित विधायी कार्यों पर निरंतर ध्यान देते हुए स्पीकर ने कहा कि सत्र में विधानसभा सदस्य नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे। इसके लिए प्रत्येक सदस्य के डेस्क पर आईपैड स्थापित किए गए हैं।
गुप्ता ने कहा कि नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन के उपयोग से सत्र का संचालन सुगम, पारदर्शी, कुशल और सुलभ होगा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को बाकी बचे सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश भी दिए।