दिल्ली भाजपा ने आम आदमी पार्टी को स्थायी समिति के 'भंग' की झूठी खबर फैलाने पर किया निशाना
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली भाजपा ने आप पार्टी पर झूठी खबर फैलाने का आरोप लगाया है।
- स्थायी समिति एक स्थायी संस्था है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता।
- सदस्यों का पुनः चुनाव नगर निगम चुनाव में होता है।
- आप पार्टी के नेता स्थायी समिति पर निरंतर शिकायत कर रहे हैं।
- पूर्व में, आप पार्टी ने नागरिक समितियों के गठन को रोका था।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली भाजपा ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की सबसे प्रमुख स्थायी समिति के 'भंग' होने की गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि स्थायी समिति का नाम ही इस बात का संकेत है कि यह एक स्थायी संस्था है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी के नेता इस दौरान भ्रम उत्पन्न कर रहे हैं कि सत्ताधारी भाजपा ने स्थायी समिति को भंग कर दिया है, जो कि वास्तविकता से मेल नहीं खाता।
प्रवीण शंकर कपूर ने बताया कि नगर निगम चुनाव के समय स्थायी समिति के सदस्यों का पुनः चुनाव किया जाता है और यह समिति पांच वर्षों तक कार्यरत रहती है। उन्होंने उल्लेख किया कि इसके एक-तिहाई सदस्य समय-समय पर रिटायर होते हैं और उनके स्थान पर नए सदस्य आते हैं।
31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने पर स्थायी समिति के कई सदस्य, जिनमें आम आदमी पार्टी के कुछ प्रमुख नेता भी शामिल थे, रिटायर हो गए। प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि इसके बाद से आम आदमी पार्टी के नेता गलत जानकारी फैलाना शुरू कर चुके हैं।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि स्थायी समिति को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं की निरंतर शिकायतें उनकी हताशा और जनता में उनके प्रति बढ़ते भ्रम को दर्शाती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वही नेता, जो वर्तमान में नगर निगम के नियमों का हवाला देकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने 2022 के नगर निगम चुनाव जीतने के बाद नागरिक समितियों के गठन को रोका था।
कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल के दौरान, स्थायी समिति लगभग 30 महीनों तक निष्क्रिय रही। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें न तो नगर निगम के नियमों की चिंता थी और न ही दिल्ली में विकास कार्यों की।