दिल्ली ब्लाइंड मर्डर: पिता ने दोस्त संग मिलकर की 38 वर्षीय बेटे की हत्या, दोनों गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने 29 अगस्त 2026 को एक हाई-प्रोफाइल ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश किया, जिसमें एक 64 वर्षीय पिता तालुकदार अंसारी और उसके 49 वर्षीय साथी मोहम्मद वसीम उर्फ अकरम को अपने ही 38 वर्षीय बेटे गुल हसन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़ित को डॉक्टर के पास ले जाने का झांसा देकर कालिंदी कुंज इलाके के एक सुनसान कंटेनर में ले जाया गया, जहाँ उसके साथ मारपीट की गई और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
23 अगस्त को शाम करीब 7 बजकर 13 मिनट पर कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन को एक अज्ञात शव की सूचना मिली। शव दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से करीब 500 मीटर पूर्व, कच्ची कॉलोनी, गली नंबर 1 के पास एनटीपीसी दीवार के निकट एक सुनसान कंटेनर — जिसे स्थानीय लोग 'बबलू का कंटेनर' कहते हैं — में मिला। पीड़ित के सिर पर चोट के निशान थे और शव के पास खून के धब्बों वाला एक कंक्रीट का ब्लॉक भी बरामद हुआ।
शुरुआती जाँच में पुलिस ने पीड़ित के सिर की बाईं कनपटी पर गंभीर चोट पाई, जो संभवतः उसी कंक्रीट ब्लॉक से लगाई गई थी। चूँकि मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जाँच आरंभ की।
जाँच का तरीका
घटना की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष टीमें गठित की गईं, जिनमें कालिंदी कुंज पुलिस स्टेशन, स्पेशल स्टाफ, नारकोटिक्स और एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) के जवान शामिल थे। इस जाँच का नेतृत्व सरिता विहार एसीपी अनिल कुमार शर्मा ने किया, जबकि निगरानी दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी विनीत कुमार (IPS) और मार्गदर्शन दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार (IPS) ने किया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस, खुफिया जानकारी और जमीनी स्तर की पड़ताल के जरिए व्यापक जाँच की। कई दिनों तक कैमरे-दर-कैमरे फुटेज का विश्लेषण करने के बाद एक अहम सुराग मिला — पीड़ित को दो अन्य व्यक्तियों के साथ उसी स्थान की ओर जाते देखा गया जहाँ बाद में उसका शव मिला।
गिरफ्तारी और खुलासा
संदिग्धों का पता गोविंदपुरी की एक सिलाई फैक्ट्री में चला, जहाँ से पुलिस ने तालुकदार अंसारी और मोहम्मद वसीम उर्फ अकरम को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि पीड़ित गुल हसन सिज़ोफ्रेनिया और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त था। आरोपियों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने का बहाना बनाकर सुनसान कंटेनर तक बुलाया।
पुलिस के अनुसार, सुनसान जगह पर पहुँचने के बाद वसीम ने पत्थर से गुल हसन पर हमला किया। इसी दौरान तालुकदार अंसारी ने भी अपने बेटे के साथ मारपीट की। इसके बाद बेकार कपड़ों से बनी रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई और शव को कंटेनर में छोड़कर दोनों आरोपी फरार हो गए।
बरामद साक्ष्य
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए — जिनमें हमले में इस्तेमाल किया गया कंक्रीट का पत्थर, आरोपियों के खून से सने कपड़े और गला घोंटने में प्रयुक्त रस्सी शामिल हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने, फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों से घटनाओं के कथित क्रम की पुष्टि करने, अंतिम मेडिकल राय लेने और अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने के लिए जाँच जारी है। यह मामला पारिवारिक हिंसा और मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्तियों की सुरक्षा के सवाल को एक बार फिर सामने लाता है।