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'गंगाजल' के 23 साल: अजय देवगन की इस मास्टरपीस को आज भी याद करते हैं दर्शक

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'गंगाजल' के 23 साल: अजय देवगन की इस मास्टरपीस को आज भी याद करते हैं दर्शक

सारांश

'गंगाजल' के 23 साल — और यह फिल्म आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। भ्रष्ट तंत्र, बेलगाम सत्ता और एक ईमानदार अफसर की कहानी ने अजय देवगन को यथार्थवादी सिनेमा का चेहरा बनाया और भारतीय दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।

मुख्य बातें

अजय देवगन अभिनीत 'गंगाजल' ने 2003 में रिलीज के 23 साल पूरे किए।
प्रकाश प्रोडक्शन हाउस ने इंस्टाग्राम पर विशेष पोस्टर शेयर कर जश्न मनाया।
फिल्म 1980 के दशक के भागलपुर 'आंख फोड़वा कांड' से प्रेरित है, जिसे प्रकाश झा ने लिखा, निर्देशित और निर्मित किया।
स्टारकास्ट में ग्रेसी सिंह , मोहन जोशी , यशपाल शर्मा और मुकेश तिवारी शामिल थे।
बताया जाता है कि इस फिल्म ने अजय देवगन के करियर को गंभीर और यथार्थवादी सिनेमा की दिशा दी।

अभिनेता अजय देवगन अभिनीत बॉलीवुड क्राइम ड्रामा 'गंगाजल' ने अपनी रिलीज के 23 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 2003 में परदे पर आई इस फिल्म की यादें आज भी दर्शकों के ज़ेहन में ताज़ा हैं, और इस ख़ास मौके पर फिल्म के निर्माताओं ने उत्सव मनाते हुए सोशल मीडिया पर विशेष पोस्टर साझा किया।

मेकर्स ने किया जश्न

प्रकाश प्रोडक्शन हाउस ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक खास पोस्टर जारी किया, जिसमें अजय देवगन अपने चर्चित किरदार में नज़र आ रहे हैं। पोस्ट के साथ निर्माताओं ने लिखा, '23 साल बाद भी, यह मास्टरपीस दिल को झकझोर देता है! गंगाजल आज भी एक कड़वी और बेबाक याद दिलाता है कि जब सत्ता बेलगाम हो जाती है और इंसाफ को किनारे धकेल दिया जाता है, तो क्या होता है। फिल्म के किस हिस्से ने आपको सोचने और सवाल करने पर मजबूर किया?'

फिल्म की पृष्ठभूमि

'गंगाजल' को लेखक-निर्देशक-निर्माता प्रकाश झा ने बनाया था। यह फिल्म 1980 के दशक में बिहार के भागलपुर में हुए वास्तविक 'आंख फोड़वा कांड' से प्रेरित है। कहानी एक काल्पनिक ज़िले 'तेजपुर' की है, जहाँ भ्रष्ट राजनेता और अपराधी मिलकर पुलिस को लाचार बना देते हैं। अजय देवगन ने ईमानदार पुलिस अधीक्षक एसपी अमित कुमार की भूमिका निभाई, जो इस टूटे हुए तंत्र को सुधारने की जद्दोजहद करते हैं।

स्टारकास्ट और सिनेमाई महत्व

फिल्म में अजय देवगन के साथ ग्रेसी सिंह, मोहन जोशी, यशपाल शर्मा और मुकेश तिवारी ने अहम भूमिकाएँ निभाई थीं। बताया जाता है कि 'गंगाजल' ने अजय देवगन के करियर को एक नई दिशा दी — इससे पहले वे मुख्यतः एक्शन और रोमांटिक-कमर्शियल फिल्मों के लिए जाने जाते थे। इस किरदार ने उन्हें गंभीर और यथार्थवादी सिनेमा का चेहरा बनाया, जिसकी झलक बाद की फिल्मों जैसे 'सिंघम' में भी देखी जा सकती है।

बॉक्स ऑफिस और विरासत

फिल्म ने न केवल दर्शकों के दिलों में स्थायी छाप छोड़ी, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। 23 वर्ष बाद भी 'गंगाजल' को भारतीय सिनेमा की उन कालजयी फिल्मों में गिना जाता है जो सामाजिक-राजनीतिक यथार्थ को बेबाकी से सामने रखती हैं। यह फिल्म आज भी ओटीटी और टेलीविजन पर नई पीढ़ी के दर्शकों को अपनी ओर खींचती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस सुधार और न्याय की माँग उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी 2003 में थी — यही इस फिल्म की असली ताकत है। प्रकाश झा ने जो सवाल उठाए थे, उनके जवाब अभी भी अधूरे हैं, और शायद इसीलिए 'गंगाजल' हर नई पीढ़ी को नए सिरे से झकझोरती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिल्म 'गंगाजल' किस वास्तविक घटना पर आधारित है?
'गंगाजल' 1980 के दशक में बिहार के भागलपुर में हुए 'आंख फोड़वा कांड' से प्रेरित है, जिसमें पुलिस पर विचाराधीन कैदियों की आँखें फोड़ने के आरोप लगे थे। फिल्म की कहानी एक काल्पनिक ज़िले 'तेजपुर' में रखी गई है।
'गंगाजल' कब रिलीज हुई थी और इसे किसने बनाया?
'गंगाजल' 2003 में रिलीज हुई थी। इसे प्रकाश झा ने लिखा, निर्देशित और निर्मित किया था। फिल्म में अजय देवगन मुख्य भूमिका में थे।
'गंगाजल' ने अजय देवगन के करियर को कैसे बदला?
बताया जाता है कि इस फिल्म से पहले अजय देवगन मुख्यतः एक्शन और रोमांटिक भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। एसपी अमित कुमार के किरदार ने उन्हें गंभीर और यथार्थवादी सिनेमा का चेहरा बनाया, जिसकी झलक 'सिंघम' जैसी बाद की फिल्मों में भी मिलती है।
फिल्म की 23वीं वर्षगाँठ पर मेकर्स ने क्या किया?
प्रकाश प्रोडक्शन हाउस ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का विशेष पोस्टर साझा किया और एक भावनात्मक संदेश के साथ जश्न मनाया। उन्होंने फिल्म को 'मास्टरपीस' बताते हुए दर्शकों से पूछा कि फिल्म के किस हिस्से ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया।
'गंगाजल' में कौन-कौन से कलाकार थे?
फिल्म में अजय देवगन के अलावा ग्रेसी सिंह, मोहन जोशी, यशपाल शर्मा और मुकेश तिवारी ने अहम भूमिकाएँ निभाई थीं।
राष्ट्र प्रेस
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