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'गंगाजल' की 22वीं वर्षगाँठ: अनूप सोनी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया लॉक-अप सीन का किस्सा

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'गंगाजल' की 22वीं वर्षगाँठ: अनूप सोनी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया लॉक-अप सीन का किस्सा

सारांश

अनूप सोनी ने इंस्टाग्राम पर 'गंगाजल' के जेल लॉक-अप सीन को याद किया — एक टेक में शूट हुआ वह दृश्य जो आज भी इस कल्ट फिल्म की पहचान है। भागलपुर कांड से प्रेरित और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता यह फिल्म दो दशक बाद भी उतनी ही प्रासंगिक है।

मुख्य बातें

अनूप सोनी ने 29 मई को इंस्टाग्राम पर 'गंगाजल' (2003) के जेल लॉक-अप सीन का वीडियो साझा किया।
उन्होंने बताया कि यह सीन स्टेडीकैम पर एक ही टेक में शूट किया गया था।
फिल्म का निर्देशन प्रकाश झा ने किया था; अजय देवगन को इसमें अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
फिल्म 1980 के दशक के भागलपुर आंखफोड़वा कांड से प्रेरित थी।
बिहार में रिलीज़ के समय राजनीतिक विरोध के कारण स्क्रीनिंग एक सप्ताह तक रोकनी पड़ी थी।

अभिनेता अनूप सोनी ने शुक्रवार, 29 मई को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए प्रकाश झा निर्देशित फिल्म 'गंगाजल' (2003) की यादें ताज़ा कीं। उन्होंने फिल्म के चर्चित जेल लॉक-अप सीन का वीडियो साझा किया और बताया कि यह दृश्य स्टेडीकैम पर महज़ एक ही टेक में शूट किया गया था।

क्या लिखा अनूप सोनी ने

अपनी पोस्ट में सोनी ने लिखा, 'शुक्रवार की यादों में आज फिल्म 'गंगाजल' के सबसे दमदार सीनों में से एक याद आ रहा है। जेल के लॉक-अप वाला यह सीन स्टेडीकैम पर एक ही टेक में शूट किया गया था। यह सीन बेहद वास्तविक, तनावपूर्ण और ऊर्जा से भरपूर था। ऐसे पल याद दिलाते हैं कि कुछ फिल्में सालों बाद भी लोगों के दिलों में क्यों बनी रहती हैं। इस कल्ट फिल्म का हिस्सा बनने के लिए मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूँ।'

सोनी ने फिल्म की पूरी स्टारकास्ट का भी ज़िक्र किया — अजय देवगन, ग्रेसी सिंह, यशपाल शर्मा, मुकेश तिवारी, चेतन पंडित, मोहन जोशी, अयूब खान, अखिलेंद्र मिश्रा और मोहन अगासे — और कहा कि इन कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव बेहद यादगार रहा।

फिल्म में अनूप सोनी की भूमिका

'गंगाजल' में अनूप सोनी ने पुलिस इंस्पेक्टर नीलकंठ तिवारी का किरदार निभाया था — एक कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार अधिकारी, जो अजय देवगन द्वारा अभिनीत पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के सहयोगी थे। यह भूमिका भले ही सहायक थी, लेकिन फिल्म के नैतिक ताने-बाने को मज़बूती देने में अहम रही।

फिल्म की पृष्ठभूमि और विवाद

यह क्राइम-एक्शन फिल्म 1980 के दशक के कुख्यात 'भागलपुर आंखफोड़वा कांड' से प्रेरित थी, जिसमें बिहार पुलिस ने अपराधियों की आँखों में तेज़ाब डाल दिया था। फिल्म की रिलीज़ के समय बिहार में राजनीतिक विरोध इतना तीव्र था कि स्क्रीनिंग को एक सप्ताह के लिए रोकना पड़ा था।

गौरतलब है कि अजय देवगन को इस फिल्म में उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था — जो इस फिल्म की कलात्मक साख का सबसे बड़ा प्रमाण है।

क्यों आज भी प्रासंगिक है 'गंगाजल'

दो दशक से अधिक समय बाद भी 'गंगाजल' भारतीय सिनेमा में पुलिस-व्यवस्था, न्याय और राज्य-हिंसा के द्वंद्व को चित्रित करने वाली सबसे चर्चित फिल्मों में गिनी जाती है। प्रकाश झा की यह फिल्म यह भी बताती है कि सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, सामाजिक दस्तावेज़ भी हो सकता है। अनूप सोनी की यह पोस्ट नई पीढ़ी के दर्शकों को इस कल्ट क्लासिक की ओर एक बार फिर आकर्षित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ दर्शक 'रियल' सिनेमा की तलाश में हैं। भागलपुर कांड पर आधारित यह फिल्म उस दौर की याद दिलाती है जब बॉलीवुड सामाजिक यथार्थ को बिना ग्लैमर के पर्दे पर उतारता था। यह भी उल्लेखनीय है कि फिल्म को बिहार में राजनीतिक दबाव झेलना पड़ा था — एक ऐसा तथ्य जो आज के संदर्भ में भी सिनेमा और सत्ता के रिश्ते पर सवाल उठाता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'गंगाजल' फिल्म किस घटना पर आधारित है?
'गंगाजल' (2003) 1980 के दशक के कुख्यात भागलपुर आंखफोड़वा कांड से प्रेरित है, जिसमें बिहार पुलिस ने अपराधियों की आँखों में तेज़ाब डाल दिया था। प्रकाश झा ने इस सत्य घटना को क्राइम-एक्शन ड्रामा के रूप में पर्दे पर उतारा।
अनूप सोनी ने 'गंगाजल' में कौन-सा किरदार निभाया था?
अनूप सोनी ने फिल्म में पुलिस इंस्पेक्टर नीलकंठ तिवारी का किरदार निभाया था, जो अजय देवगन के किरदार पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के ईमानदार सहयोगी थे।
क्या 'गंगाजल' को कोई राष्ट्रीय पुरस्कार मिला?
हाँ, अजय देवगन को 'गंगाजल' में उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह फिल्म भारतीय सिनेमा में पुलिस-व्यवस्था पर बनी सबसे सराही गई फिल्मों में से एक मानी जाती है।
बिहार में 'गंगाजल' की स्क्रीनिंग क्यों रोकी गई थी?
फिल्म की रिलीज़ के समय बिहार में राजनीतिक विरोध इतना तीव्र था कि स्क्रीनिंग को एक सप्ताह के लिए रोकना पड़ा था। फिल्म की कथावस्तु और उसका बिहार से सीधा संबंध इस विवाद की मुख्य वजह थी।
अनूप सोनी ने लॉक-अप सीन के बारे में क्या खास बात बताई?
अनूप सोनी ने बताया कि 'गंगाजल' का जेल लॉक-अप सीन स्टेडीकैम पर महज़ एक ही टेक में शूट किया गया था। उन्होंने इसे 'बेहद वास्तविक, तनावपूर्ण और ऊर्जा से भरपूर' बताया।
राष्ट्र प्रेस
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