दिल्ली कांग्रेस OBC विभाग में बड़ा फेरबदल: 132 पदाधिकारी नियुक्त, देवेंद्र यादव बोले — जमीन पर मजबूत हो रही पार्टी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने 15 सितंबर 2026 को घोषणा की कि 'संगठन सृजन अभियान' के अंतर्गत कांग्रेस अपनी जमीनी पकड़ को व्यापक रूप से मजबूत कर रही है। इसी क्रम में 12 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति अधिसूचना के तहत दिल्ली प्रदेश ओबीसी कांग्रेस की नई टीम का गठन किया गया है, जिसमें कुल 132 से अधिक पदाधिकारी शामिल किए गए हैं।
नई टीम की संरचना
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ओबीसी विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिंद के निर्देश पर यह नियुक्तियाँ की गई हैं। दिल्ली प्रदेश ओबीसी कांग्रेस के चेयरमैन राजीव वर्मा के नेतृत्व में नई टीम में 51 एडवाइजरी काउंसिल सदस्य, 21 राज्य उपाध्यक्ष, 23 राज्य महासचिव, 24 राज्य सचिव और 13 जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।
पार्टी के अनुसार यह ढाँचा केवल राज्य स्तर तक सीमित नहीं है — फ्रंटल संगठन, सेल, कार्यकारी समितियाँ और ब्लॉक-स्तरीय कमेटियाँ भी इस अभियान के तहत बनाई जा रही हैं।
नेतृत्व का रुख
देवेंद्र यादव ने कहा कि ओबीसी चेयरमैन राजीव वर्मा कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रतिपादित सामाजिक न्याय के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई टीम दिल्ली के हर जिले, ब्लॉक और बूथ स्तर पर संगठन को सशक्त बनाएगी।
राजीव वर्मा ने कहा, 'जितनी आबादी, उतना हक — यह सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के लिए हमारा संकल्प है।' उन्होंने भरोसा जताया कि नई टीम ओबीसी समाज के अधिकारों की लड़ाई को और धारदार बनाएगी।
प्रमुख एजेंडा
नई टीम के कार्यक्षेत्र में जाति जनगणना, ओबीसी आरक्षण, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक समानता और न्याय जैसे मुद्दे शामिल हैं। पार्टी इन मुद्दों को जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में कांग्रेस पिछले कई चुनावों में हाशिये पर रही है और पार्टी नेतृत्व संगठनात्मक पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दे रहा है।
आगे की राह
गौरतलब है कि 'संगठन सृजन अभियान' के तहत डीपीसीसी से लेकर ब्लॉक स्तर तक का यह पुनर्गठन एक चरणबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा है। आने वाले हफ्तों में अन्य विभागों और फ्रंटल संगठनों की कमेटियों के गठन की भी उम्मीद है। ओबीसी वोटबैंक को लेकर कांग्रेस की यह सांगठनिक कवायद दिल्ली में पार्टी की चुनावी वापसी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।