दिल्ली सीपीए सुधार: रेखा गुप्ता सरकार ने 40 से अधिक डॉक्टरों व अधिकारियों का स्थानांतरण किया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 जून 2026 को घोषणा की कि राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) के 40 से अधिक मेडिकल, पैरामेडिकल और प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। यह कदम दिल्ली के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत आने वाली सीपीए की संस्थागत क्षमता को मज़बूत करने की दिशा में उठाया गया है।
मुख्य स्थानांतरण और नियुक्तियाँ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि सीपीए में हेड ऑफ ऑफिस (HOO) के पद पर कार्यरत डॉ. विनोद कुमार रंगा सहित 10 डॉक्टरों का स्थानांतरण किया गया है। पैरामेडिकल सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए 19 कर्मचारियों को भी स्थानांतरित किया गया है, जिनमें फार्मासिस्ट, जूनियर मेडिकल लैब टेक्नीशियन, लैब अटेंडेंट और ड्राइवर शामिल हैं।
इसके साथ ही प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए सेक्शन ऑफिसर, सीनियर असिस्टेंट और जूनियर असिस्टेंट स्तर के 10 कर्मचारियों का भी स्थानांतरण किया गया है। दूसरी ओर, विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से 12 चिकित्सा अधिकारियों — जिनमें वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी और सीएमओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं — को सीपीए में नई तैनाती दी गई है।
सीपीए की भूमिका और पुनर्गठन की आवश्यकता
केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जो दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सामग्रियों की खरीद एवं आपूर्ति का संचालन करती है। मानव संसाधनों की समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ कर्मचारी सीपीए के वेतनमान पर थे, लेकिन अन्य कार्यालयों में कार्यरत थे — ऐसे कर्मचारियों की जानकारी संकलित कर उपलब्ध संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग की योजना बनाई गई है।
गौरतलब है कि यह पुनर्गठन ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दवा आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है।
अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ और प्रशासनिक व्यवस्था
विभागीय कार्यों को गति देने के लिए विभिन्न अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं। प्रोजेक्ट ब्रांच, केयरटेकिंग ब्रांच, स्टोर एवं परचेज ब्रांच, कंप्यूटर सेल, मोबाइल हेल्थ स्कीम, पीजीएमएस, आरटीआई, चाइल्ड राइट्स, हेल्थ मेला और अस्पताल समन्वय जैसी इकाइयों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
सरकार का लक्ष्य और आगे की राह
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की प्रत्येक इकाई को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना और संस्थागत क्षमता को मज़बूत बनाना है। उन्होंने कहा कि दवाओं और चिकित्सा सामग्री की खरीद एवं आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है। नई तैनातियों से खरीद, भंडारण, आपूर्ति और प्रशासनिक कार्यों को और मज़बूती मिलने की उम्मीद है, जिससे दिल्लीवासियों को समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित हो सकेंगी।