क्या आईआरसीटीसी घोटाले में राबड़ी देवी को राहत मिलेगी?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली हाई कोर्ट ने राबड़ी देवी की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया।
- यह आईआरसीटीसी घोटाला 2004-2009 के बीच हुआ था।
- तेजस्वी यादव की याचिका पर भी सुनवाई हुई।
- राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार पाए थे।
- इस मामले में कई राजनीतिक नेता शामिल हैं।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की याचिका पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में उन्होंने कथित आईआरसीटीसी घोटाले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के निर्णय को चुनौती दी है।
हाई कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेश पर सुनवाई करते हुए सीबीआई से जवाब मांगा है।
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की याचिका पर भी सीबीआई को नोटिस जारी किया था। तेजस्वी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आईआरसीटीसी होटल घोटाले में आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।
मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की एकल जज बेंच ने सीबीआई से जवाब मांगा और तेजस्वी यादव की आपराधिक रिवीजन याचिका के साथ-साथ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी किया।
तेजस्वी यादव ने राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें आईआरसीटीसी घोटाले के तहत भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित अपराधों के लिए उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार पाए गए थे।
एक आदेश में, राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया था।
स्पेशल कोर्ट ने 29 मई को लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों, प्रेम गुप्ता, सरला गुप्ता और रेलवे अधिकारियों राकेश सक्सेना और पी.के. गोयल के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रखा था।
यह कथित घोटाला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उनके कार्यकाल में तय नियमों का पालन किए बिना दो आईआरसीटीसी होटलों को लीज पर दिया गया, जिसमें एक होटल सरला गुप्ता को अलॉट किया गया था, जो उस समय आरजेडी के प्रमुख के करीबी सहयोगी और राज्यसभा सदस्य प्रेम गुप्ता की पत्नी हैं।