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क्या दिल्ली में पुलवामा हमले में फंसाने की धमकी देकर युवक से 10 लाख की ठगी की गई?

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क्या दिल्ली में पुलवामा हमले में फंसाने की धमकी देकर युवक से 10 लाख की ठगी की गई?

सारांश

दिल्ली के करोल बाग में एक युवक से 10 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने खुद को एटीएस प्रमुख बताकर युवक को पुलवामा हमले में शामिल होने का आरोप लगाकर पैसे वसूले। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

साइबर ठगी के मामलों में सावधानी बरतें।
किसी भी अनजान कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया न करें।
पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करें।
सुरक्षा के लिए अपनी जानकारी साझा न करें।
इस तरह की घटनाओं की रिपोर्ट जल्दी करें।

नई दिल्ली, 3 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में एक 32 वर्षीय युवक के साथ एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को एटीएस प्रमुख बताकर युवक से 10 लाख रुपए की ठगी की। ठग ने युवक पर 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी (धारा 318(4), बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 13 अगस्त को उसे कई अज्ञात नंबरों से कॉल आए। कॉलर ने कहा कि उसके नाम से जम्मू-कश्मीर में एक बैंक खाता खोला गया है, जिसमें 50 लाख रुपए जमा हैं, और इस खाते का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में किया गया है। आरोपियों ने उसे चेतावनी दी कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें प्रभावशाली लोग शामिल हैं, इसलिए वह किसी से बात न करे।

ठगों ने कॉल के दौरान उसे निर्देश दिया कि वह अपने मोबाइल का कैमरा ऑन रखे, खुद को एक कमरे में बंद करे और परिवार से संपर्क न करे। इस दौरान उन्होंने उसके बैंक खातों की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उसे एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को एटीएस प्रमुख बताया।

फर्जी एटीएस प्रमुख ने पीड़ित को कहा कि उसे पूछताछ के लिए लखनऊ स्थित एटीएस कार्यालय आना होगा। जब युवक ने इंकार किया, तो आरोपी ने कहा कि यदि वह कानूनी प्रक्रिया को वैध बनाना चाहता है, तो उसे कुछ धनराशि आरबीआई द्वारा स्वीकृत खाते में ट्रांसफर करनी होगी। इसके बाद युवक ने गिरफ्तारी के डर से 8.9 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से और 77 हजार रुपए ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए ट्रांसफर कर दिए।

बाद में ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी बेल एप्लिकेशन भेजी और उसकी रिहाई के लिए 4 लाख की मांग की। युवक ने जब और पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया और सभी फोन नंबर बंद कर दिए।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान व लोकेशन ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ठगों ने डिजिटल अरेस्ट की तरह ठगी की योजना बनाई थी।

आपको बताते चलें, कुछ समय पहले दक्षिणी दिल्ली में 78 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंकर से भी इसी तरह के तरीके से 23 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। इस मामले में भी पीड़ित को पुलवामा हमले के फंडिंग में शामिल बताकर धमकाया गया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताता है कि कैसे लोग भावनात्मक दबाव में आकर गलत निर्णय लेते हैं। पुलिस को इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में ठगी का यह मामला कब हुआ?
यह मामला 3 नवंबर को सामने आया है।
आरोपी ने युवक को किस प्रकार से ठगा?
आरोपी ने खुद को एटीएस प्रमुख बताकर युवक से 10 लाख रुपए की ठगी की।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई की?
हां, पुलिस ने धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या ठग ने युवक को किसी प्रकार की धमकी दी थी?
जी हां, ठग ने युवक को पुलवामा हमले में शामिल होने का आरोप लगाकर धमकी दी।
क्या पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं?
जी हां, दक्षिणी दिल्ली में भी इसी तरह के तरीके से ठगी की घटना हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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