क्या 'आप' विधायक का दावा सच है, करोड़ों रुपए में सरकारी आवासों का हो रहा है नवीनीकरण?

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क्या 'आप' विधायक का दावा सच है, करोड़ों रुपए में सरकारी आवासों का हो रहा है नवीनीकरण?

सारांश

दिल्ली की राजनीति में चल रही उठापटक में आप विधायक अनिल झा ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपए सरकारी आवासों के नवीनीकरण पर खर्च किए जा रहे हैं। क्या यह फिजूलखर्ची है या जरूरी? जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई!

मुख्य बातें

दिल्ली में राजनीतिक विवाद जारी है।
आप विधायक ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए का फिजूल खर्च हो रहा है।
भाजपा और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला।
जलभराव और अन्य मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत।
राजनीतिक बयानबाजी से जनता के मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।

नई दिल्ली, 10 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की राजनीति में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल आप के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 'शीशमहल' का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया था। अब आप 'रंगमहल' के आरोप लगाकर भाजपा को घेर रही है।

आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान भाजपा ने केजरीवाल के सरकारी आवास को 'शीशमहल' बताया था। अब भाजपा की सरकार में आम आदमी पार्टी ने मंत्री कपिल मिश्रा के आवास को 'रंगमहल' बताया है। आप की ओर से मंत्री के आवास के नवीनीकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आप विधायक अनिल झा ने दावा किया है कि कपिल मिश्रा के 9 शामनाथ मार्ग स्थित आवास के नवीनीकरण के लिए करोड़ों रुपए का टेंडर निकाला गया है, जिसमें टॉयलेट में एसी और खिड़कियों की मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होंने इसे फिजूल खर्च बताया है।

अनिल झा ने गुरुवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा की सरकार ने पूर्व की सरकारों पर कई आरोप लगाए थे। वर्तमान में सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान हटाकर सरकारी आवासों के नवीनीकरण पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि महिलाओं को 2,500 रुपए कैसे दिए जाएंगे, इसकी चिंता की बजाय टॉयलेट में एसी कैसे लगेंगे, इसकी चिंता हो रही है।

'आप' विधायक ने शहर में जलभराव को लेकर दिल्ली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जलभराव होता है तो ये लोग मिंटो ब्रिज के पास पहुंच जाते हैं। इसके अलावा दिल्ली के किसी भी हिस्से में नहीं जाते हैं। दिल्ली के अंदर सैकड़ों तालाब बर्बाद हो गए। उसे संरक्षित करने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है। दिल्ली में 40 प्रतिशत पानी लीकेज के कारण बर्बाद हो जाता है, उसे ठीक करने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है और जल मंत्री आवासों का नवीनीकरण करवा रहे हैं। भाजपा की सरकार पूंजीवाद का सरेआम प्रदर्शन कर रही है।

कांवड़ यात्रा के दौरान मीट की दुकान बंद करने पर अनिल झा ने कहा, "मैं भी हिंदू हूं। मैं जहां से चाहूं खरीदूंगा, लेकिन आप मुझे मजबूर नहीं कर सकते। अगर सरकार को चिंता है कि लोग मुस्लिम दुकानों से कुछ न खरीदें, तो आपको खुद कांवड़ यात्रा का आयोजन करना चाहिए।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि धर्म का मामला जब आता है तो हम सभी को संजीदगी से इस पर विचार करना चाहिए। न्याय व्यवस्था सभी के लिए बराबर होनी चाहिए।"

भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह के बयान पर उन्होंने कहा कि अगर उनके पास क्षमता है तो ऐतिहासिक इमारतों का रंग भगवा करा लें। यह उनका विचार है और वह सिर्फ हंगामा करना चाहते हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री बनने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में सरकारी आवासों का नवीनीकरण क्यों किया जा रहा है?
सरकारी आवासों का नवीनीकरण आमतौर पर उन्हें बेहतर बनाकर सुविधाएं प्रदान करने के लिए किया जाता है।
क्या यह खर्च जनता के हित में है?
यह सवाल महत्वपूर्ण है, क्योंकि जब जनता के मुद्दे निपटने की बात आती है, तो ऐसे खर्च की प्रासंगिकता पर विचार किया जाना चाहिए।
क्या भाजपा ने पहले भी ऐसे आरोप लगाए थे?
हाँ, भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास को 'शीशमहल' बताया था, अब आरोप प्रत्यारोप का खेल चल रहा है।
राष्ट्र प्रेस