क्या प्रदूषण के चलते मैंने अपने पोते को मुंबई शिफ्ट कर दिया? : रेणुका चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है।
- लोग अपनी नौकरियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं।
- सरकार को प्रदूषण के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
- बच्चों की सेहत को ध्यान में रखकर परिवारों को स्थानांतरित होना पड़ रहा है।
- दिल्ली में AQI लगातार उच्च स्तर पर है।
नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि वर्तमान में दिल्ली की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लोग अपनी नौकरियां छोड़कर पहाड़ों की ओर जा रहे हैं। यहाँ सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है, और लोग अपने बच्चों को बचाने के लिए दिल्ली छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। मैंने अपने पोते की सेहत को ध्यान में रखते हुए उसे मुंबई शिफ्ट कर दिया है।
समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा, "क्या आप सोच सकते हैं कि दिल्ली की स्थिति क्या हो गई है? लोग यहाँ सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह लोकतंत्र की राजधानी है। सरकार क्या कर रही है? जब पूरा देश परेशान है, तो वे सिर्फ 'सॉरी' कह रहे हैं। यहाँ तक कि कुछ लोग अपनी नौकरी छोड़कर पहाड़ों में चले जा रहे हैं। कुत्ते भी खांस रहे हैं। ऐसी स्थिति है। मैंने अपने पोते को मुंबई भेज दिया है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर संसद में वंदे मातरम पर 10 घंटे की चर्चा हो सकती है, तो दिल्ली के प्रदूषण पर केवल दो घंटे की चर्चा क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार द्वारा ग्रैप के चौथे चरण को लागू करने पर भी सवाल उठाया कि इससे क्या समाधान निकलेगा, बस लोगों को परेशान किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी के नेता अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि आज 17 दिसंबर है, लेकिन AQI अभी भी 500 के आसपास है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने लोगों से माफी मांगी है, लेकिन ये वही लोग हैं जो पहले आप सरकार की आलोचना करते थे। फिर भी, वे दिल्ली के लोगों के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण की ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित टिप्पणी पर मित्तल ने कहा कि कोई भी नेता हो, देश पहले आता है। अगर कोई पूर्व में बड़े पद पर रहा हो, उससे ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती है, यह दुखद और गलत है। हम ऑपरेशन सिंदूर में हमेशा सफल रहे हैं।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने प्रदूषण पर कहा कि मैंने यह स्थगन प्रस्ताव सिर्फ इस मुद्दे पर चर्चा का मौका पाने के लिए उठाया है ताकि देश भी इस पर चर्चा कर सके। वायु प्रदूषण को रोकना होगा, सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।