क्या क्राइम ब्रांच ने उच्च सुरक्षा वाले दूतावास क्षेत्रों में फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी से घूम रही महिला को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस ने एक महिला को फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया।
- यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
- महिला ने जाली नंबर प्लेट बनाने का स्वीकार किया है।
- पुलिस उसकी अन्य गतिविधियों की जांच कर रही है।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गणतंत्र दिवस से पहले एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। 15 जनवरी 2026 को एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल (एईकेसी) ने एक महिला को वसंत विहार में गिरफ्तार किया, जो एक विदेशी दूतावास की जाली नंबर प्लेट वाली इनोवा गाड़ी चला रही थी।
यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि आरोपी उच्च सुरक्षा वाले इलाकों और विभिन्न दूतावासों में बेखौफ घूम रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर दलीप कुमार के नेतृत्व में टीम ने ऑपरेशन किया। टीम ने बी-ब्लॉक, वसंत विहार में कार को घेर लिया। लगभग 45 वर्षीय महिला कार की ओर बढ़ी, चाबी से खोली, और ड्राइविंग सीट पर बैठी ही थी कि उसे रोक लिया गया। पूछताछ में उसने खुद को दूतावास का प्रतिनिधि बताया, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकी। कार की तलाशी में एक और जाली डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट बरामद हुई।
विस्तृत पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि उसने नवंबर 2024 में एक विदेशी दूतावास से इनोवा कार खरीदी थी। दूतावास ने उसके खिलाफ चाणक्यपुरी थाने में शिकायत की थी कि कार उसके नाम पर रजिस्टर नहीं हुई। इससे बचने के लिए उसने मूल नंबर प्लेट हटाकर 144 सीडी 54 जैसी जाली नंबर प्लेट बनवाई, जो असली डिप्लोमैटिक प्लेट की नकल थी। इसका मकसद पुलिस चेकिंग से बचना और दूतावासों में आसानी से प्रवेश करना था। पुलिस ने कार, दो अतिरिक्त जाली प्लेटें, मोबाइल फोन और बिक्री दस्तावेज बरामद किए।
आरोपी असम की निवासी है और गुवाहाटी में रहती है। वह ग्रेजुएट है और पिछले 4 वर्षों से खुद को एक राजनीतिक पार्टी की अखिल भारतीय सचिव बताती है। उसने दावा किया कि 2023-24 में एक विदेशी दूतावास में कंसल्टेंट के तौर पर काम किया, जहाँ उसे 1.5 लाख रुपए मासिक मिलते थे। वह यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय में स्पोर्ट्स गाइड भी बताती है। फिलहाल वह अफ्रीकी छात्रों को इस विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए कंसल्टेंसी देती है और प्रत्येक छात्र से फीस वसूलती है।
पुलिस को संदेह है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों या अन्य गलत इरादों में शामिल हो सकती है। इसलिए बीएनएस 2023 की धारा 318, 319, 337, 336, 340 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को 6 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। उसका मोबाइल जब्त कर डेटा एनालिसिस किया जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस संजीव कुमार यादव ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर यह गिरफ्तारी महत्वपूर्ण है। जांच में महिला की अन्य गतिविधियों और संभावित साथियों की तलाश की जा रही है। दिल्ली पुलिस ने अलर्ट जारी कर ऐसे फर्जी डिप्लोमैटिक दावों से सावधान रहने की अपील की है।