नीरज बवाना गैंग के बदमाश सविंदर को दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा, पैर में लगी गोली
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की विशेष टीम ने सोमवार रात करीब 10 बजे जीटीके रोड से हिरनकी पुश्ता रोड के बीच हुई मुठभेड़ में नीरज बवाना/नवीन बाली गैंग के कथित सक्रिय सदस्य सविंदर उर्फ बाबा उर्फ पागल (36 वर्ष) को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी और उसे तत्काल चिकित्सकीय सहायता प्रदान की गई।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस को आरोपी की गतिविधियों संबंधी विशेष खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर स्पेशल स्टाफ और अलीपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जीटीके रोड से हिरनकी पुश्ता रोड जाने वाले मार्ग पर जाल बिछाया। पुलिस के बयान के अनुसार, जब सविंदर को रोककर आत्मसमर्पण करने को कहा गया, तो उसने कथित रूप से पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
गोलीबारी के दौरान सब इंस्पेक्टर विशाल बाल-बाल बच गए — एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराई। पुलिस ने बताया कि टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी। इस पूरी घटना में कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ।
आरोपी की आपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, सविंदर नीरज बवाना/नवीन बाली गैंग का एक प्रमुख सहयोगी था और उस पर अलीपुर तथा नरेला क्षेत्र के कारोबारियों एवं प्रॉपर्टी डीलरों से कथित रूप से रंगदारी वसूलने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि प्रतिशोध के भय से कई पीड़ित पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने से हिचकिचा रहे थे।
सविंदर के खिलाफ पहले से छह एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, हमला और आर्म्स एक्ट के तहत मामले शामिल हैं। उस पर इलाके के कारोबारियों को धमकाने के भी आरोप हैं।
बरामदगी और चिकित्सा स्थिति
आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक पिस्तौल, 7.65 मिमी के तीन कारतूस, 7.65 मिमी के तीन खाली खोखे और 9 मिमी के दो खाली खोखे बरामद किए। घायल सविंदर को पहले राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया और बाद में एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह होश में है।
स्थानीय कारोबारी समुदाय पर असर
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से आउटर नॉर्थ दिल्ली में नीरज बवाना/नवीन बाली गैंग की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे स्थानीय कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर समुदाय को राहत मिलेगी, जो कथित रूप से लंबे समय से इस गैंग के निशाने पर था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।