4 अगस्त 2026
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नीरज बवाना गैंग का कुख्यात बदमाश 'सविंदर उर्फ बाबा' दिल्ली मुठभेड़ में गिरफ्तार, पिस्तौल बरामद

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नीरज बवाना गैंग का कुख्यात बदमाश 'सविंदर उर्फ बाबा' दिल्ली मुठभेड़ में गिरफ्तार, पिस्तौल बरामद

सारांश

दिल्ली पुलिस ने नीरज बवाना गैंग का कुख्यात बदमाश सविंदर उर्फ 'पागल' को अलीपुर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी पर दिल्ली-हरियाणा में हत्या समेत छह से अधिक मामले दर्ज हैं और वह कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहा था।

मुख्य बातें

सविंदर उर्फ बाबा उर्फ पागल को 4 अगस्त 2026 को अलीपुर थाना क्षेत्र, दिल्ली में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
आरोपी नीरज बवाना गैंग और नवीन बाली गैंग दोनों से जुड़ा है।
उसके कब्जे से एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
दिल्ली व हरियाणा में उसके खिलाफ छह से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं — हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी शामिल।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश तेज की गई थी; 22 जुलाई को उसने अपने पिता को भी धमकाया था।
कार्रवाई का नेतृत्व डीसीपी शोभित सक्सेना की टीम ने किया।

दिल्ली पुलिस ने 4 अगस्त 2026 को संगठित अपराध के खिलाफ जारी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए नीरज बवाना गैंग और नवीन बाली गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी सविंदर उर्फ बाबा उर्फ पागल को अलीपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (नॉर्दर्न रेंज) विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सविंदर एक निश्चित स्थान पर आने वाला है। इस सूचना के आधार पर आउटर नॉर्थ जिले की पुलिस टीम ने जाल बिछाया। जब पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, तो उसने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सविंदर घायल हो गया। घायल अवस्था में काबू किए जाने के बाद उसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

जॉइंट कमिश्नर विजय सिंह के अनुसार, सविंदर अपने उग्र और हिंसक स्वभाव के कारण अपराध जगत में 'पागल' के नाम से कुख्यात है। वह मामूली विवाद पर भी हवा या जमीन में गोली चलाकर दहशत फैलाता था। दिल्ली और हरियाणा में उसके खिलाफ छह से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें 2010-11 में सोनीपत के मामले, 2012 में प्रशांत विहार थाने में हत्या के प्रयास का केस, 2016 में शाहबाद डेयरी में हत्या का मामला, 2017 में नरेला थाने का हत्या प्रकरण और 2018 में स्पेशल सेल का एक मामला शामिल है। इससे पहले नीरज बवाना और नवीन बाली की गिरफ्तारी से जुड़े एक हत्या के मामले में भी उसे आरोपी बनाया जा चुका है।

रंगदारी और धमकी की घटनाएँ

पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सविंदर कारोबारियों को रंगदारी के लिए निशाना बना रहा था। उसने एक व्यवसायी के घर जाकर धमकी दी और दहशत फैलाने के लिए जमीन पर गोली चला दी — इस घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है। इसके अलावा उसने एक प्रॉपर्टी डीलर को भी रंगदारी के लिए धमकाया था। 22 जुलाई को नरेला के सनौठ गाँव में उसने अपने पिता को भी धमकाया, जिन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर मदद के लिए कॉल किया — लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही वह फरार हो गया था।

पुलिस टीम को श्रेय

जॉइंट कमिश्नर विजय सिंह ने इस सफलता का श्रेय डीसीपी आउटर नॉर्थ शोभित सक्सेना के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस टीम को दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी निगरानी और लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई संभव हो सकी। आगे की जाँच जारी है और पुलिस आरोपी के गैंग नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को नहीं छुपाती कि नीरज बवाना और नवीन बाली जैसे गैंग नेता जेल में रहते हुए भी अपना नेटवर्क सक्रिय कैसे रखते हैं। रंगदारी की शिकायतें, व्यवसायियों को खुलेआम धमकियाँ और पिता को डराने जैसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि निगरानी और सूचना-तंत्र में अभी भी अंतराल है। असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस इस गिरफ्तारी का उपयोग गैंग की आपूर्ति श्रृंखला — हथियार, वित्त और संरक्षक — को तोड़ने में करती है, या यह केवल एक और 'एनकाउंटर' की सुर्खी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सविंदर उर्फ बाबा कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
सविंदर उर्फ बाबा उर्फ पागल नीरज बवाना गैंग और नवीन बाली गैंग से जुड़ा कुख्यात अपराधी है, जिसे 4 अगस्त 2026 को दिल्ली के अलीपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी वसूली समेत छह से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दिल्ली पुलिस मुठभेड़ में क्या हुआ?
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। रुकने का संकेत मिलते ही सविंदर ने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और वह घायल हो गया। उसके पास से एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
सविंदर के खिलाफ कौन-कौन से मामले दर्ज हैं?
उसके खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में छह से अधिक मामले हैं — 2010-11 में सोनीपत, 2012 में प्रशांत विहार (हत्या का प्रयास), 2016 में शाहबाद डेयरी (हत्या), 2017 में नरेला (हत्या) और 2018 में स्पेशल सेल का एक मामला। नीरज बवाना और नवीन बाली की गिरफ्तारी से जुड़े हत्या के मामले में भी वह आरोपी है।
सविंदर की गिरफ्तारी में सीसीटीवी फुटेज की क्या भूमिका रही?
सविंदर ने एक व्यवसायी के घर जाकर धमकाया और जमीन पर गोली चलाई, जिसका सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद था। इसी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश तेज की गई और अंततः तकनीकी निगरानी की मदद से उसे पकड़ा जा सका।
इस गिरफ्तारी का नेतृत्व किसने किया?
जॉइंट कमिश्नर (नॉर्दर्न रेंज) विजय सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई डीसीपी आउटर नॉर्थ शोभित सक्सेना के नेतृत्व में आउटर नॉर्थ जिले की पुलिस टीम ने की। आगे की जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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