नीरज बवाना गैंग का कुख्यात बदमाश 'सविंदर उर्फ बाबा' दिल्ली मुठभेड़ में गिरफ्तार, पिस्तौल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 4 अगस्त 2026 को संगठित अपराध के खिलाफ जारी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए नीरज बवाना गैंग और नवीन बाली गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी सविंदर उर्फ बाबा उर्फ पागल को अलीपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर (नॉर्दर्न रेंज) विजय सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सविंदर एक निश्चित स्थान पर आने वाला है। इस सूचना के आधार पर आउटर नॉर्थ जिले की पुलिस टीम ने जाल बिछाया। जब पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, तो उसने पुलिस दल पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सविंदर घायल हो गया। घायल अवस्था में काबू किए जाने के बाद उसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा गया।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जॉइंट कमिश्नर विजय सिंह के अनुसार, सविंदर अपने उग्र और हिंसक स्वभाव के कारण अपराध जगत में 'पागल' के नाम से कुख्यात है। वह मामूली विवाद पर भी हवा या जमीन में गोली चलाकर दहशत फैलाता था। दिल्ली और हरियाणा में उसके खिलाफ छह से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें 2010-11 में सोनीपत के मामले, 2012 में प्रशांत विहार थाने में हत्या के प्रयास का केस, 2016 में शाहबाद डेयरी में हत्या का मामला, 2017 में नरेला थाने का हत्या प्रकरण और 2018 में स्पेशल सेल का एक मामला शामिल है। इससे पहले नीरज बवाना और नवीन बाली की गिरफ्तारी से जुड़े एक हत्या के मामले में भी उसे आरोपी बनाया जा चुका है।
रंगदारी और धमकी की घटनाएँ
पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सविंदर कारोबारियों को रंगदारी के लिए निशाना बना रहा था। उसने एक व्यवसायी के घर जाकर धमकी दी और दहशत फैलाने के लिए जमीन पर गोली चला दी — इस घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है। इसके अलावा उसने एक प्रॉपर्टी डीलर को भी रंगदारी के लिए धमकाया था। 22 जुलाई को नरेला के सनौठ गाँव में उसने अपने पिता को भी धमकाया, जिन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर मदद के लिए कॉल किया — लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही वह फरार हो गया था।
पुलिस टीम को श्रेय
जॉइंट कमिश्नर विजय सिंह ने इस सफलता का श्रेय डीसीपी आउटर नॉर्थ शोभित सक्सेना के नेतृत्व में काम कर रही पुलिस टीम को दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी निगरानी और लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई संभव हो सकी। आगे की जाँच जारी है और पुलिस आरोपी के गैंग नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाल रही है।