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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गैंगस्टर शब्बीर अली को पकड़ा, 14 आपराधिक मामले दर्ज

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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गैंगस्टर शब्बीर अली को पकड़ा, 14 आपराधिक मामले दर्ज

सारांश

एक साल की खुफिया निगरानी के बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मकोका मामले में वांछित गैंगस्टर शब्बीर अली को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से दबोचा। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जड़ें जमाए इस गिरोह का नेटवर्क नेपाल और दुबई तक फैला था; अब गैंग के 10 सदस्य गिरफ्त में हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने गैंगस्टर शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी को 14 जून 2026 को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से गिरफ्तार किया।
शब्बीर पर 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मकोका के तहत दर्ज मामला भी शामिल है।
गिरोह सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा और एनसीआर में सक्रिय था; नेटवर्क नेपाल और दुबई तक फैला था।
गिरफ्तारी के साथ इस संगठित गिरोह के अब तक 10 सदस्य गिरफ्त में आ चुके हैं।
शब्बीर के कब्जे से XUV 700 कार और एक स्कूटी बरामद की गई।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध जगत के कुख्यात सरगना शब्बीर अली उर्फ शब्बीर चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत दर्ज मामले में पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे शब्बीर को 14 जून 2026 को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से खुफिया सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दबोचा गया। इस गिरफ्तारी के साथ इस संगठित गिरोह के अब तक 10 सदस्य कानून की गिरफ्त में आ चुके हैं।

गिरफ्तारी का विवरण

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर स्पेशल सेल की टीम ने शंभू बॉर्डर, हरियाणा पर शब्बीर को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद उसे नई दिल्ली लाया गया। उसके कब्जे से एक XUV 700 कार और एक स्कूटी बरामद की गई है।

गैंग की गतिविधियाँ और नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, शब्बीर चौधरी 'शब्बीर चौधरी-हाशिम बाबा-अनवर चाचा' गैंग का मुखिया है। यह गिरोह मुख्य रूप से ट्रांस-यमुना और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के इलाकों — सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा तथा उत्तर प्रदेश के सटे जिलों में सक्रिय रहा है। गिरोह के सदस्यों पर जबरन वसूली, हत्या, हत्या की कोशिश और जमीन हड़पने जैसे गंभीर आरोप हैं। उल्लेखनीय है कि इस गैंग का नेटवर्क देश की सीमाओं से परे नेपाल और दुबई तक भी फैला हुआ था।

पिछली कार्रवाइयाँ

स्पेशल सेल की इस गैंग के विरुद्ध चलाई जा रही मुहिम में इससे पहले शार्पशूटर सोहेल उर्फ आलम उर्फ तौहीद को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से एक पिस्तौल और 3 जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। इसके अतिरिक्त, 11 दिसंबर 2025 को गैंग से जुड़े जासिम और जहांगीर उर्फ इक्का को भी गिरफ्तार किया जा चुका था।

आपराधिक पृष्ठभूमि

अधिकारियों के अनुसार, शब्बीर अली मूलतः उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का निवासी है। वह 1990 के दशक के मध्य में सीलमपुर निवासी हाजी अफजाल के संपर्क में आकर अपराध की दुनिया में दाखिल हुआ और उत्तर-पूर्वी दिल्ली व एनसीआर में फायरिंग, हत्या तथा गैंग-वार के कई मामलों में संलिप्त हो गया।

2008 में अपने भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद उसने अपनी आपराधिक गतिविधियाँ और तेज कर दीं। जेल प्रवास के दौरान वह हाशिम बाबा और अनवर खान उर्फ अनवर चाचा जैसे कुख्यात अपराधियों के करीब आया। अब तक उसके विरुद्ध 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मकोका के तहत दर्ज मामला भी शामिल है।

आगे की कार्रवाई

स्पेशल सेल इस गिरोह के शेष सक्रिय सदस्यों और उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है। यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है, और जाँच एजेंसियाँ गैंग के दुबई व नेपाल कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मकोका जैसे कड़े कानून के बावजूद यह गिरोह एक दशक से अधिक समय तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बेरोकटोक क्यों फलता-फूलता रहा। गैंग का दुबई और नेपाल कनेक्शन यह भी दर्शाता है कि स्थानीय अपराध अब सीमाओं से परे अंतरराष्ट्रीय ढाँचे में संचालित हो रहा है, जिससे केवल गिरफ्तारियाँ पर्याप्त नहीं हैं — वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना उतना ही जरूरी है। सरगना की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के शेष सक्रिय सदस्यों और विदेशी संपर्कों पर कार्रवाई की रफ्तार ही इस अभियान की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गैंगस्टर शब्बीर अली को कहाँ से और कब गिरफ्तार किया गया?
शब्बीर अली को 14 जून 2026 को हरियाणा के शंभू बॉर्डर से खुफिया सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।
शब्बीर अली पर कितने और किस तरह के मामले दर्ज हैं?
शब्बीर अली पर कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली, जमीन हड़पना और मकोका के तहत दर्ज मामला शामिल है।
शब्बीर चौधरी गैंग कहाँ-कहाँ सक्रिय था?
यह गिरोह मुख्य रूप से सीलमपुर, भजनपुरा, मौजपुर, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ट्रांस-यमुना इलाकों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सटे जिलों में सक्रिय था। इसका अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क नेपाल और दुबई तक फैला था।
इस गिरोह के खिलाफ पहले क्या कार्रवाई हो चुकी है?
स्पेशल सेल ने इससे पहले शार्पशूटर सोहेल उर्फ आलम उर्फ तौहीद को पिस्तौल और 3 कारतूस सहित पकड़ा था। 11 दिसंबर 2025 को जासिम और जहांगीर उर्फ इक्का को भी गिरफ्तार किया गया था। शब्बीर की गिरफ्तारी के साथ गिरोह के अब तक 10 सदस्य गिरफ्त में आ चुके हैं।
शब्बीर अली अपराध की दुनिया में कैसे आया?
शब्बीर अली उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और 1990 के दशक के मध्य में सीलमपुर निवासी हाजी अफजाल के संपर्क में आकर अपराध जगत में दाखिल हुआ। 2008 में भाई शमीम अहमद की हत्या के बाद उसने अपराधिक गतिविधियाँ और तेज कर दीं तथा जेल में हाशिम बाबा और अनवर चाचा से संपर्क में आया।
राष्ट्र प्रेस
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