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मकोका गैंगस्टर शब्बीर चौधरी की कस्टडी 10 दिन बढ़ाने की मांग, पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

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मकोका गैंगस्टर शब्बीर चौधरी की कस्टडी 10 दिन बढ़ाने की मांग, पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

सारांश

दिल्ली पुलिस ने मकोका के तहत गिरफ्तार गैंगस्टर शब्बीर चौधरी की कस्टडी 10 दिन और बढ़ाने की माँग की है — पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा। साथ ही पूर्वी जिला साइबर थाने ने जापान में नौकरी के नाम पर ₹1.63 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने मकोका के तहत गिरफ्तार गैंगस्टर शब्बीर चौधरी उर्फ शब्बीर अली की कस्टडी 10 दिन और बढ़ाने की माँग की।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 17 जून 2026 को कस्टडी विस्तार की माँग पर फैसला सुरक्षित रखा।
पुलिस का तर्क — गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश और अपराध से अर्जित संपत्तियों की जाँच के लिए पूछताछ ज़रूरी।
बचाव पक्ष ने माँग का विरोध किया; कहा — पुलिस पहले पिछली कस्टडी के दौरान हासिल जानकारी बताए।
पूर्वी जिला साइबर थाना ने जापान में नौकरी के नाम पर ₹1.63 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत गिरफ्तार गैंगस्टर शब्बीर चौधरी उर्फ शब्बीर अली की पुलिस कस्टडी 10 दिन और बढ़ाने की माँग पटियाला हाउस कोर्ट में की है। 17 जून 2026 को हुई सुनवाई में अदालत ने इस माँग पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मुख्य घटनाक्रम

शब्बीर चौधरी की तीन दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया और अतिरिक्त कस्टडी की माँग दोहराई। पुलिस का तर्क है कि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने और अपराध से अर्जित संपत्तियों की जाँच के लिए पूछताछ अभी अधूरी है।

बचाव पक्ष की दलील

आरोपी के वकील ने कस्टडी विस्तार का विरोध करते हुए अदालत से माँग की कि पुलिस पहले यह स्पष्ट करे कि पिछली तीन दिन की कस्टडी के दौरान पूछताछ में क्या ठोस जानकारी हासिल हुई। बचाव पक्ष के अनुसार, बिना परिणाम बताए कस्टडी बढ़ाना न्यायसंगत नहीं है।

साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़

इसी बीच पूर्वी जिला साइबर थाना ने एक अलग मामले में बुधवार को एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झाँसा देकर बेरोज़गार युवाओं को ठगते थे।

पुलिस के अनुसार, एक पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि जापान में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे ₹1.63 लाख की ठगी की गई। शिकायत मिलते ही पूर्वी जिला साइबर थाने में ई-एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई और त्वरित कार्रवाई में आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब विदेश में रोज़गार के नाम पर साइबर ठगी के मामले राष्ट्रीय स्तर पर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि बेरोज़गारी और विदेश में बेहतर अवसरों की चाह रखने वाले युवा इस तरह के गिरोहों के सबसे आसान निशाने बनते हैं। दिल्ली पुलिस की यह दोहरी कार्रवाई — मकोका के तहत संगठित अपराध और साइबर ठगी दोनों मोर्चों पर — दर्शाती है कि प्रवर्तन एजेंसियाँ एक साथ कई स्तरों पर काम कर रही हैं।

क्या होगा आगे

पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला आने के बाद यह तय होगा कि शब्बीर चौधरी की कस्टडी बढ़ाई जाएगी या नहीं। साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँच में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दिल्ली पुलिस द्वारा इसका उपयोग यह संकेत देता है कि राजधानी में गैंग नेटवर्क अब राज्य की सीमाओं से परे फैल चुके हैं। बचाव पक्ष का यह सवाल कि पिछली कस्टडी में क्या हासिल हुआ, न्यायिक निगरानी की दृष्टि से उचित है — कस्टडी विस्तार की माँगें अक्सर बिना ठोस प्रगति दिखाए दोहराई जाती हैं। साइबर ठगी मामले में पूर्वी जिला की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली चुनौती गिरोह के पूरे नेटवर्क तक पहुँचना है, न केवल दो आरोपियों तक।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मकोका के तहत गिरफ्तार शब्बीर चौधरी कौन है?
शब्बीर चौधरी उर्फ शब्बीर अली एक गैंगस्टर है जिसे दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह एक संगठित अपराध गिरोह से जुड़ा है और उसके नेटवर्क तथा अपराध से अर्जित संपत्तियों की जाँच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने 10 दिन की कस्टडी क्यों माँगी है?
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने और अपराध से अर्जित संपत्तियों की जाँच के लिए पूछताछ अभी पूरी नहीं हुई है। इसीलिए तीन दिन की कस्टडी समाप्त होने के बाद 10 दिन की अतिरिक्त कस्टडी की माँग पटियाला हाउस कोर्ट में रखी गई।
पटियाला हाउस कोर्ट ने कस्टडी माँग पर क्या फैसला दिया?
17 जून 2026 को हुई सुनवाई में पटियाला हाउस कोर्ट ने कस्टडी विस्तार की माँग पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। बचाव पक्ष के विरोध के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर निर्णय बाद में देने का संकेत दिया।
पूर्वी दिल्ली में जापान नौकरी ठगी मामला क्या है?
पूर्वी जिला साइबर थाने ने एक संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो जापान की कंपनियों में नौकरी दिलाने का झाँसा देकर बेरोज़गार युवाओं से ठगी करते थे। एक पीड़ित से ₹1.63 लाख की ठगी की शिकायत पर ई-एफआईआर दर्ज कर यह कार्रवाई की गई।
मकोका कानून क्या है और दिल्ली में इसका उपयोग कैसे होता है?
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) एक कड़ा कानून है जो संगठित अपराध गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए बनाया गया था। दिल्ली पुलिस इसे तब लागू करती है जब आरोपी का संबंध किसी संगठित अपराध नेटवर्क से होता है और सामान्य कानूनी प्रावधान पर्याप्त नहीं माने जाते।
राष्ट्र प्रेस
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