मकोका गैंगस्टर शब्बीर चौधरी की कस्टडी 10 दिन बढ़ाने की मांग, पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत गिरफ्तार गैंगस्टर शब्बीर चौधरी उर्फ शब्बीर अली की पुलिस कस्टडी 10 दिन और बढ़ाने की माँग पटियाला हाउस कोर्ट में की है। 17 जून 2026 को हुई सुनवाई में अदालत ने इस माँग पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
शब्बीर चौधरी की तीन दिन की पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया और अतिरिक्त कस्टडी की माँग दोहराई। पुलिस का तर्क है कि गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने और अपराध से अर्जित संपत्तियों की जाँच के लिए पूछताछ अभी अधूरी है।
बचाव पक्ष की दलील
आरोपी के वकील ने कस्टडी विस्तार का विरोध करते हुए अदालत से माँग की कि पुलिस पहले यह स्पष्ट करे कि पिछली तीन दिन की कस्टडी के दौरान पूछताछ में क्या ठोस जानकारी हासिल हुई। बचाव पक्ष के अनुसार, बिना परिणाम बताए कस्टडी बढ़ाना न्यायसंगत नहीं है।
साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़
इसी बीच पूर्वी जिला साइबर थाना ने एक अलग मामले में बुधवार को एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो जापान की प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झाँसा देकर बेरोज़गार युवाओं को ठगते थे।
पुलिस के अनुसार, एक पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि जापान में नौकरी दिलाने का वादा कर उससे ₹1.63 लाख की ठगी की गई। शिकायत मिलते ही पूर्वी जिला साइबर थाने में ई-एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई और त्वरित कार्रवाई में आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब विदेश में रोज़गार के नाम पर साइबर ठगी के मामले राष्ट्रीय स्तर पर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि बेरोज़गारी और विदेश में बेहतर अवसरों की चाह रखने वाले युवा इस तरह के गिरोहों के सबसे आसान निशाने बनते हैं। दिल्ली पुलिस की यह दोहरी कार्रवाई — मकोका के तहत संगठित अपराध और साइबर ठगी दोनों मोर्चों पर — दर्शाती है कि प्रवर्तन एजेंसियाँ एक साथ कई स्तरों पर काम कर रही हैं।
क्या होगा आगे
पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला आने के बाद यह तय होगा कि शब्बीर चौधरी की कस्टडी बढ़ाई जाएगी या नहीं। साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँच में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।