10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली पुलिस ने हथियार तस्कर महिला को गिरफ्तार किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली पुलिस ने हथियार तस्कर महिला को गिरफ्तार किया?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक 67 वर्षीय महिला रामबिरी को गिरफ्तार किया है जो अवैध हथियारों की तस्करी के खतरनाक सिंडिकेट का हिस्सा थी। उसकी गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 67 वर्षीय महिला तस्कर को गिरफ्तार किया।
रामबिरी के पास से 4 अवैध पिस्तौल बरामद हुईं।
यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।
रामबिरी ने अवैध हथियारों की तस्करी के लिए मध्य प्रदेश से सप्लाई की थी।
पुलिस का मानना है कि वह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (उत्तर क्षेत्र) ने अवैध हथियारों की तस्करी में लिप्त एक खतरनाक गिरोह की 67 वर्षीय महिला सदस्य रामबिरी को गिरफ्तार किया है।

आरोपी रामबिरी, स्वर्गीय बिजेंद्र सिंह की पत्नी, हस्तिनापुर, मेरठ (उत्तर प्रदेश) की निवासी है। उसके पास से 4 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 3 अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुई हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, हाल के महीनों में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अपराधों में हथियारों का उपयोग बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए, स्पेशल सेल ने अवैध हथियारों की तस्करी और आपूर्ति श्रृंखला के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया।

खुफिया जानकारी के आधार पर यह पता चला कि रामबिरी इस गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी। वह मध्य प्रदेश से ट्रेन के द्वारा अवैध हथियार खरीदती थी और उन्हें दिल्ली और मेरठ में गैंगस्टरों और अन्य अपराधियों को सप्लाई करती थी।

स्पेशल सेल की टीम ने इंस्पेक्टर राकेश कुमार के नेतृत्व में इस सूचना के आधार पर कार्रवाई की और रामबिरी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपनी उम्र का लाभ उठाकर कानून प्रवर्तन से बचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उसे सफलता नहीं मिली।

पूछताछ में रामबिरी का आपराधिक इतिहास चौंकाने वाला पाया गया। उसके पति की मृत्यु 2003 में हुई थी, जिसके बाद वह एक आदतन अपराधी के संपर्क में आई और संगठित अपराध में शामिल हो गई। उसके खिलाफ कई प्रमुख मामले दर्ज हैं, जिनमें 2008 में गुड़गांव (हरियाणा) में 1.48 करोड़ रुपए की बैंक डकैती, 2008 में हरिद्वार के ज्वालापुर में बैंक डकैती, 2009 में दिल्ली के कमला मार्केट में बैंक डकैती की कोशिश और 2009 में दिल्ली स्पेशल सेल में मकोका एक्ट के तहत मामला शामिल है, जिसमें वह 2009 से 2017 तक जेल में रही।

जेल से रिहा होने के बाद रामबिरी ने फिर से अपराध की दुनिया में कदम रखा और अवैध हथियारों के व्यापार में सक्रिय हो गई। पुलिस का मानना है कि वह गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी।

दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर स्पेशल सेल (एनआर) कृष्ण कुमार ने बताया कि यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध और अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है। अभियान जारी रहेगा और ऐसे सभी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि समाज में सुरक्षा और शांति बनी रहे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामबिरी की गिरफ्तारी के पीछे क्या कारण थे?
रामबिरी अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ी एक खतरनाक गिरोह की सदस्य थी।
दिल्ली पुलिस ने रामबिरी को कैसे गिरफ्तार किया?
पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
रामबिरी का आपराधिक इतिहास क्या है?
उसके खिलाफ कई प्रमुख अपराधों के मामले दर्ज हैं, जिनमें बैंक डकैती शामिल हैं।
क्या इस गिरफ्तारी से अपराध में कमी आएगी?
इस गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध पर नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है।
दिल्ली पुलिस आगे की कार्रवाई क्या करेगी?
पुलिस अभियान जारी रखेगी और ऐसे सभी गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले