क्या दिल्ली में सागरपुर लूटकांड का खुलासा हुआ? एंटी स्नैचिंग सेल ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया
सारांश
Key Takeaways
- लूट की घटनाएं समाज में असुरक्षा के संकेत हैं।
- पुलिस की तत्परता से अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।
- गुप्त सूचना और तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होती हैं।
नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी स्नैचिंग सेल और थाना सागरपुर की संयुक्त टीम ने एक लूट की वारदात का प्रभावी खुलासा किया है। इस मामले में दो कुशल लुटेरों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दशरथपुरी निवासी सुमित नागपाल (34) और विजय एन्क्लेव, डाबरी निवासी गौरव उर्फ टोटला (31) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, यह वारदात 18 जनवरी की रात करीब 10:15 बजे हुई। शिकायतकर्ता एम. कुमार अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी दशरथपुरी नाले के पास दो युवक अचानक उनकी बाइक के सामने आ गए। जैसे ही उन्होंने ब्रेक लगाया, दोनों ने उन्हें पकड़ लिया और 680 रुपए लूट लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने उन्हें धमकाकर फोन-पे के माध्यम से 3200 रुपए अपने खाते में जबरन ट्रांसफर करवा लिए और मौके से फरार हो गए।
इस संदर्भ में थाना सागरपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की। थाना सागरपुर और एंटी स्नैचिंग सेल की एक संयुक्त टीम बनाकर पीएसआई मुकेश, हेड कांस्टेबल सुमेर, हेड कांस्टेबल अरुण, कांस्टेबल नितिन और कांस्टेबल अनिल को शामिल किया गया। इस टीम का नेतृत्व एंटी स्नैचिंग सेल के इंचार्ज इंस्पेक्टर हरि सिंह ने किया और दिल्ली कैंट के एसीपी अनिल कुमार ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल के आसपास करीब 3 किलोमीटर के दायरे में लगे 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। इसके अलावा तकनीकी जांच, गुप्त सूचना और मैनुअल निगरानी के जरिए आरोपियों की पहचान की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे जल्दी पैसे कमाने और अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए इस तरह की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई रकम बरामद कर ली।