10 अगस्त 2026
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क्या धमतरी में आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सली की निशानदेही पर जंगलों से हथियार बरामद हुए?

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क्या धमतरी में आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सली की निशानदेही पर जंगलों से हथियार बरामद हुए?

सारांश

धमतरी में आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सली की महत्वपूर्ण जानकारी पर पुलिस ने जंगलों से अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी की है। यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और यह क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा कर रही है।

मुख्य बातें

धमतरी में महिला नक्सली की निशानदेही पर हथियारों की बरामदगी।
नक्सल उन्मूलन अभियान में डीआरजी की महत्वपूर्ण सफलता।
आत्मसमर्पण नीति से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव।
पुलिस द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन की अहमियत।
सरकार की पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर।

धमतरी, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने आत्मसमर्पण कर चुकी महिला नक्सली की निशानदेही पर जंगलों से एक ऑटोमैटिक सहित तीन बंदूक और मैगजीन जब्त की है।

छत्तीसगढ़ के धमतरी में आईजी रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं एसपी धमतरी के निर्देशन में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सतत सर्चिंग एवं खुफियातंत्र को मजबूत करके कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी महीने में 5 लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने आत्मसमर्पण किया और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवाद की हिंसक विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इस महिला द्वारा दी गई महत्वपूर्ण सूचना एवं निशानदेही के आधार पर माओवादियों द्वारा छुपाकर रखे गए हथियारों को बरामद किया गया।

आत्मसमर्पित महिला नक्सली की निशानदेही पर डीआरजी धमतरी द्वारा विशेष नक्सल सर्च अभियान चलाया गया, जिसके दौरान दौड़पंडरीपानी के जंगल क्षेत्र से माओवादियों द्वारा गड्ढा खोदकर छुपाए गए हथियारों को बरामद किया गया।

माओवादियों ने हथियारों को जमीन में गहरा गड्ढा बनाकर, ऊपर से पत्तियों एवं प्राकृतिक सामग्री से ढककर छुपाया था, ताकि सुरक्षा बलों की नजर से बचा रहे।

सुरक्षा बलों ने जो हथियार बरामद किए हैं, उनमें एसएलआर 7.62 एमएम ऑटोमैटिक राइफल, एसएलआर की दो खाली मैगजीन, एक 12 बोर बंदूक और एक अन्य हथियार शामिल है।

इसे नक्सल उन्मूलन अभियान के अंतर्गत धमतरी पुलिस एवं डीआरजी की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल माओवादियों की हिंसक गतिविधियों को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे साफ हो रहा है कि आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।

धमतरी पुलिस ने अपील की है कि माओवादी हिंसा से दूर रहकर शासन की आत्मसमर्पण नीति का लाभ लें तथा शांति, विकास एवं मुख्यधारा से जुड़ें। इसके साथ ही पुलिस ने आश्वासन दिया है कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में महिला नक्सली को सुरक्षा मिलती है?
हाँ, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा सुरक्षा और पुनर्वास की सुविधा प्रदान की जाती है।
क्या यह कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी है?
जी हाँ, इस तरह की कार्रवाई नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे माओवादियों की गतिविधियाँ कमजोर होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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