2 सितंबर 2026
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धराली बाढ़ में बंधी दुपट्टे की राखी: अहमदाबाद की धनगौरी ने सीएम धामी को भेजी असली राखी

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धराली बाढ़ में बंधी दुपट्टे की राखी: अहमदाबाद की धनगौरी ने सीएम धामी को भेजी असली राखी

सारांश

धराली की बाढ़ में दुपट्टे के टुकड़े से बँधी राखी ने एक अनोखा रिश्ता जन्म दिया। अहमदाबाद की धनगौरी बरोलिया ने इस साल डाक से सीएम पुष्कर सिंह धामी को राखी और भावुक पत्र भेजकर उस आपदा की यादें ताज़ा कर दीं, जब संकट की घड़ी में एक मुख्यमंत्री उनके भाई बन गए थे।

मुख्य बातें

अहमदाबाद निवासी धनगौरी बरोलिया ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को डाक से राखी और भावुक पत्र भेजा।
रिश्ते की शुरुआत पिछले साल उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई बाढ़ के दौरान हुई, जब धनगौरी वहाँ फँस गई थीं।
सीएम धामी के आपदा दौरे के दौरान धनगौरी ने अपने दुपट्टे का टुकड़ा फाड़कर उनकी कलाई पर राखी की तरह बाँधा था।
पत्र में धनगौरी ने श्रीकृष्ण-द्रौपदी के प्रसंग से तुलना करते हुए धामी को संकट में सहारा बताया।
धनगौरी ने पत्र के अंत में सीएम धामी के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस रक्षाबंधन पर अहमदाबाद से एक असाधारण भावुक उपहार मिला है। अहमदाबाद निवासी धनगौरी बरोलिया ने डाक के ज़रिए सीएम धामी को राखी और एक हृदयस्पर्शी पत्र भेजा है, जिसकी जड़ें उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से जुड़ी हैं।

धराली बाढ़ में हुई अनोखी मुलाकात

यह कहानी पिछले साल रक्षाबंधन के आसपास की है, जब धनगौरी बरोलिया उत्तराखंड की यात्रा पर थीं। इसी दौरान उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में अचानक बाढ़ आ गई और वह वहाँ फँस गईं। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था। तभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुँचे और फँसे हुए लोगों से मिलकर उनका हालचाल लिया व उनका हौसला बढ़ाया।

इसी भेंट के दौरान धनगौरी की सीएम धामी से मुलाकात हुई। चूँकि रक्षाबंधन का पर्व बिल्कुल नज़दीक था, सीएम धामी ने स्नेहपूर्वक कहा कि अगर उनके पास राखी हो तो वे बाँध सकती हैं।

दुपट्टे के टुकड़े से बनी राखी

उस विपदा की घड़ी में धनगौरी के पास राखी नहीं थी, लेकिन उन्होंने बिना एक पल गँवाए अपने दुपट्टे का एक छोटा टुकड़ा फाड़ा और उसे ही राखी मानकर सीएम धामी की कलाई पर बाँध दिया। यह क्षण महज़ एक रस्म नहीं था — यह एक आपदा की आँच में पिघलकर बने भाई-बहन के रिश्ते की नींव थी।

पत्र में छलका दर्द और स्नेह

धनगौरी ने अपने पत्र में उस पल को याद करते हुए लिखा, 'उसी दिन से मैंने आपको अपना भाई मान लिया था। वो पल आज भी मेरे लिए बेहद खास और अविस्मरणीय है।' उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए लिखा कि जिस प्रकार संकट के समय श्रीकृष्ण द्रौपदी के लिए सहारा बने थे, उसी प्रकार उस कठिन घड़ी में मुख्यमंत्री धामी फँसे हुए लोगों के लिए सहारा बने।

इस वर्ष डाक से भेजी राखी

इस वर्ष रक्षाबंधन पर धनगौरी बरोलिया अहमदाबाद में थीं, फिर भी उन्होंने अपने 'भाई' को नहीं भुलाया। उन्होंने डाक के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को राखी भेजी और पत्र के अंत में उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की।

यह घटना इस बात की मिसाल है कि संकट की घड़ी में नेतृत्व की संवेदनशीलता किस तरह स्थायी मानवीय रिश्तों की बुनियाद रख सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धनगौरी बरोलिया ने सीएम धामी को राखी क्यों भेजी?
पिछले साल उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में बाढ़ के दौरान धनगौरी बरोलिया वहाँ फँस गई थीं। सीएम धामी आपदा दौरे पर आए और उनसे मुलाकात हुई, जिसमें धनगौरी ने दुपट्टे के टुकड़े से उनकी कलाई पर राखी बाँधी थी। उसी दिन से उन्होंने धामी को अपना भाई मान लिया और इस साल डाक से राखी भेजी।
धराली बाढ़ की घटना कब हुई थी?
यह घटना पिछले साल रक्षाबंधन के आसपास हुई थी, जब उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र में अचानक बाढ़ आई और कई पर्यटक व स्थानीय लोग वहाँ फँस गए थे।
सीएम धामी ने धराली में फँसे लोगों के लिए क्या किया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र का दौरा करने पहुँचे, फँसे हुए लोगों से मिले, उनका हालचाल जाना और उनका हौसला बढ़ाया।
धनगौरी ने अपने पत्र में क्या लिखा?
धनगौरी ने पत्र में उस पल को याद करते हुए लिखा कि उसी दिन से उन्होंने सीएम धामी को अपना भाई मान लिया। उन्होंने श्रीकृष्ण-द्रौपदी के प्रसंग से तुलना करते हुए धामी को संकट की घड़ी में सहारा बताया और उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस साल राखी किस माध्यम से भेजी गई?
इस वर्ष रक्षाबंधन पर धनगौरी बरोलिया अहमदाबाद में थीं, इसलिए उन्होंने डाक के ज़रिए सीएम पुष्कर सिंह धामी को राखी और भावुक पत्र भेजा।
राष्ट्र प्रेस
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