क्या भारत की आत्मा पर धर्मांतरण का हमला हो रहा है? ‘चुनावी हिंदू जनेऊधारी’ चुप क्यों हैं?

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क्या भारत की आत्मा पर धर्मांतरण का हमला हो रहा है? ‘चुनावी हिंदू जनेऊधारी’ चुप क्यों हैं?

सारांश

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर धर्मांतरण के नापाक खेल का आरोप लगाया है। क्या यह सच में भारत की आत्मा पर हमला है? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर उनके विचार और क्या है जनता की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

भारत की आत्मा को बचाने के लिए जागरूकता जरूरी है।
तुष्टिकरण की राजनीति का प्रभाव जनता पर पड़ रहा है।
धर्मांतरण के खिलाफ जनता की आवाज उठ रही है।
मोदी सरकार का दृष्टिकोण 'सबका साथ, सबका विकास' है।
गणतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी दलों को एकजुट होना चाहिए।

लखनऊ, 12 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को तीखे शब्दों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कथित धर्मनिरपेक्ष ताकतों पर जोरदार हमला किया। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा को मुस्लिम धर्मांतरण के नापाक हथकंडों से निरंतर छलनी करने का षड्यंत्र चल रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग खुद को 'हिंदू' कहलाने का शौक केवल चुनावी मौसम में दिखाते हैं, उनकी ज़ुबान पर आज भी तुष्टिकरण की राष्ट्रविरोधी परत चढ़ी हुई है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस और सपा का असली चेहरा अब जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है। इन दलों की तुष्टिकरण की राजनीति, झूठ से लिपटी धर्मनिरपेक्षता और मजहबी वोट बैंक के लिए राष्ट्रहित से समझौता करने की नीति अब जनता द्वारा स्वीकार नहीं की जा रही है।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि जो पार्टी ‘सांप्रदायिक सौहार्द्र बिल’ जैसे विधेयक लाने का दुस्साहस अपने शासनकाल में कर सकती है, उसका उद्देश्य हिन्दू समाज को कानूनी रूप से अपमानित करना और कट्टरपंथी मानसिकता को आश्रय देना है। यह बिल सौहार्द्र का नहीं, ‘धार्मिक पक्षपात का विधायी दस्तावेज़’ था, जिसमें बहुसंख्यकों के अधिकारों को दबाकर, कट्टरपंथियों को ढाल देने की तैयारी की गई थी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के रहते हुए धर्मांतरण के काले मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे। भाजपा और मोदी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र पर कार्य करती है, लेकिन इसमें 'तुष्टिकरण' की कोई जगह नहीं है।

उन्होंने कहा कि जो लोग भारत के सामाजिक ताने-बाने को तोड़कर वोटों की खेती करना चाहते हैं, वे जान लें कि जनता अब पूरी तरह जाग चुकी है। कांग्रेसी और उसके दरबारी कुनबे की इस साझा तुष्टिकरण मंडली को लोकतंत्र और राष्ट्र की जनता समय-समय पर लगातार करारा जवाब दे रही है, और धर्मांतरण, तुष्टिकरण तथा राष्ट्रविरोधी सोच को अब किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि धर्मांतरण और तुष्टिकरण की राजनीति से जनता अब जागरूक हो चुकी है। सभी दलों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने किस पर हमला बोला?
उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों पर हमला बोला।
क्या धर्मांतरण की राजनीति पर मौर्य का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में धर्मांतरण के नापाक मंसूबे सफल नहीं होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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