5 जुलाई 2026
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क्या धरती पर यमराज की कचहरी है, जहां आत्मा के स्वर्ग या नरक जाने का फैसला होता है?

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क्या धरती पर यमराज की कचहरी है, जहां आत्मा के स्वर्ग या नरक जाने का फैसला होता है?

सारांश

क्या आपने कभी सोचा है कि मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है? जानिए यमराज की कचहरी के रहस्यों के बारे में, जहां आत्मा के कर्मों का हिसाब होता है। यह मंदिर चंबा में स्थित है और इसकी मान्यता अद्भुत है। क्या आप इस रहस्यमय स्थान के बारे में जानने के लिए तैयार हैं?

मुख्य बातें

मृत्यु के बाद आत्मा का निर्णय यमराज की कचहरी में होता है।
मंदिर में आत्मा के कर्मों का लेखा-जोखा किया जाता है।
स्थानीय लोग इस मंदिर से कतराते हैं।
चार द्वारों के माध्यम से आत्मा को स्वर्ग या नरक भेजा जाता है।
यह मंदिर एक रहस्यमय स्थान है।

चंबा, 22 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। क्या आप जानते हैं कि मृत्यु के बाद आत्मा स्वर्ग या नरक में जाने का निर्णय यमराज की कचहरी में होता है? लेकिन आपको यह भी जानना चाहिए कि मृत्यु के देवता यमराज की कचहरी केवल यमलोक में ही नहीं, बल्कि धरती पर भी लगती है, जहां व्यक्ति के अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब होता है।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर में एक प्राचीन और रहस्यमय मंदिर है, जिसे यमराज की कचहरी कहा जाता है। ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित यह मंदिर साधारण सा दिखता है, लेकिन यहाँ आने से लोग कतराते हैं।

इस मंदिर की मान्यता बहुत खास और रहस्यमय है। कहा जाता है कि किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आत्मा सबसे पहले इसी स्थान पर आती है। यहाँ भगवान चित्रगुप्त आत्मा के सभी अच्छे और बुरे कर्मों का लेखा-जोखा देखते हैं।

मंदिर में एक खाली कमरा है, जिसे चित्रगुप्त का कक्ष माना जाता है। इस कमरे में आत्मा को लाया जाता है, जहाँ चित्रगुप्त अपनी बही 'अग्रसंधानी' से आत्मा के जीवन भर के कर्म पढ़ते हैं। इसके बाद आत्मा को यमराज की अदालत में ले जाया जाता है और वहीं तय होता है कि आत्मा को स्वर्ग भेजा जाएगा या नरक

इस मंदिर में चार द्वार हैं, जो तांबे, लोहे, सोने और चांदी के बने हुए कहे जाते हैं। मान्यता है कि आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार इन द्वारों में से किसी एक से स्वर्ग या नरक की ओर भेजा जाता है।

स्थानीय लोग इस मंदिर से कतराते हैं। यहाँ का माहौल इतना गंभीर और रहस्यमय है कि अधिकांश लोग मंदिर को बाहर से ही प्रणाम कर लेते हैं। कोई भी यहाँ के अंदर जाने की हिम्मत नहीं करता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं को भी उजागर करती है। हमें इसे एक जागरूकता के रूप में देखना चाहिए, जो हमें अच्छे कर्मों की प्रेरणा देती है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमराज की कचहरी कहाँ स्थित है?
यमराज की कचहरी हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर में स्थित है।
इस मंदिर की विशेषता क्या है?
इस मंदिर में आत्मा के कर्मों का लेखा-जोखा किया जाता है और यमराज की अदालत में आत्मा का निर्णय होता है।
स्थानीय लोग इस मंदिर के बारे में क्या सोचते हैं?
स्थानीय लोग इस मंदिर से कतराते हैं और अधिकतर मंदिर को बाहर से ही प्रणाम करते हैं।
मंदिर में कितने द्वार हैं?
इस मंदिर में चार द्वार हैं, जो तांबे, लोहे, सोने और चांदी के बने हुए हैं।
क्या यहाँ कोई विशेष पूजा होती है?
यहाँ विशेष पूजा नहीं होती, लेकिन आत्मा के कर्मों का लेखा-जोखा होता है।
राष्ट्र प्रेस
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