ध्रुव राठी की नागरिकता-वीजा जांच की मांग, पूर्व IPS भास्कर राव ने गृह सचिव को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
यूट्यूबर ध्रुव राठी के 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने के बाद, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर राठी की नागरिकता, वीजा और इमिग्रेशन स्टेटस की आधिकारिक जांच की मांग की है। पत्र में कथित तौर पर यह भी उठाया गया है कि क्या राठी का इस राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना भारतीय कानूनों के तहत अनुमत था।
प्रदर्शन में राठी की उपस्थिति
ध्रुव राठी 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु पहुँचे और फ्रीडम पार्क में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) तथा अन्य नागरिक संगठनों द्वारा आयोजित SIR-विरोधी प्रदर्शन में भाग लिया। अभिनेता-एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने उन्हें इस कार्यक्रम का 'सरप्राइज़ गेस्ट' बताया और स्वयं उन्हें मंच पर आमंत्रित किया। प्रदर्शन के दौरान राठी ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए SIR प्रक्रिया में 'जीरो ट्रांसपेरेंसी और जीरो जवाबदेही' का आरोप लगाया।
भास्कर राव के पत्र में उठाए गए सवाल
भास्कर राव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि कथित तौर पर ध्रुव राठी के पास जर्मन नागरिकता है। इसी आधार पर उन्होंने राठी के पासपोर्ट की श्रेणी, वीजा के प्रकार, भारत आगमन के उद्देश्य, अधिकृत प्रवास अवधि और इमिग्रेशन कानूनों के अनुपालन की जांच की माँग की है। उन्होंने यह भी जानने की मांग की है कि क्या राठी के पास ओसीआई (OCI) कार्ड या कोई अन्य विशेष दर्जा है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने पत्र में यह प्रश्न भी उठाया कि भारत की चुनावी प्रक्रिया से जुड़े एक संगठित राजनीतिक प्रदर्शन में विदेशी नागरिक की भागीदारी लागू नियमों के अनुसार स्वीकार्य है या नहीं।
SIR विवाद और राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में नई दिल्ली के संसद मार्ग और जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब SIR को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से गरम है और किसी विदेशी नागरिकता धारक की घरेलू राजनीतिक गतिविधि में उपस्थिति ने कानूनी बहस को नया आयाम दे दिया है। भास्कर राव की यह पहल ध्रुव राठी की नागरिकता संबंधी उन सार्वजनिक चर्चाओं को औपचारिक शिकायत का रूप देती है जो सोशल मीडिया पर पहले से चल रही थीं।
आगे क्या होगा
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि जांच शुरू होती है, तो ध्रुव राठी के वीजा और नागरिकता दस्तावेज़ों की स्थिति स्पष्ट होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, OCI कार्डधारक भारत में रह और काम तो सकते हैं, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी की सीमाएँ विधिक रूप से परिभाषित हैं।