27 जुलाई 2026
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क्या वोटर लिस्ट से फर्जी मतदाताओं को हटाना चुनाव आयोग का काम है? : दिलेश्वर कामैत

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क्या वोटर लिस्ट से फर्जी मतदाताओं को हटाना चुनाव आयोग का काम है? : दिलेश्वर कामैत

सारांश

बिहार में वोटर वेरिफिकेशन पर जदयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा है कि आयोग का कार्य है फर्जी मतदाताओं को हटाना। बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के कार्यकाल से संतोष व्यक्त किया है।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण है।
फर्जी मतदाता को हटाना आवश्यक है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार का विकास हुआ है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।
विपक्ष का डर चुनावी प्रक्रिया में है।

नई दिल्ली, 26 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के सांसद दिलेश्वर कामैत ने बिहार में वोटर वेरिफिकेशन के संदर्भ में विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाने का कार्य चुनाव आयोग का है। इस पर किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए।

शनिवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में जदयू सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष और संवैधानिक संस्था है। आयोग के पास स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का अधिकार है। यदि मतदाता सूची में फर्जी नाम हैं, जैसे कि जो भारतीय नागरिक नहीं हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है, या जिन्होंने अपना नाम किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर लिया है, तो ऐसे नामों को हटाना आयोग का कर्तव्य है। इसीलिए यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब पूरे देश में एसआईआर कराया जाएगा। जो फर्जी मतदाता होंगे, उन्हें हटाया जाएगा। एक वोटर जो दो जगहों पर वोटर लिस्ट में दर्ज है, उसे भी हटाया जाएगा।

जदयू सांसद ने इस बात पर जोर दिया है कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सभी का सहयोग होना चाहिए। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की जनता एकजुट है। एनडीए की सरकार लौटने वाली है। इसी कारण विपक्षी दल बेवजह के आरोप लगा रहे हैं, चुनाव बहिष्कार करने का जिक्र कर रहे हैं। बिहार की जनता ने लालू यादव के कार्यकाल को नहीं भुलाया है।

उन्होंने कहा कि 20 साल में नीतीश कुमार ने एनडीए के नेतृत्व में बिहार का चहुंमुखी विकास किया है। जनता उनके कार्यकाल से संतुष्ट है। नीतीश कुमार बिहार की जनता के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रहे हैं। बुजुर्गों की पेंशन राशि बढ़ाई गई। 11 लाख लोगों को एक साल में नौकरी दी गई। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए बेहतर काम किया है। लोग आगे बढ़ रहे हैं और उन्हें नीतीश कुमार की सरकार पर विश्वास है। जनता एनडीए को वोट देना चाहती है। इसलिए विपक्ष घबरा रहा है।

जदयू सांसद ने तर्क दिया कि यदि आप 2005 से पहले की स्थिति देखें, तो लोग घर से बाहर निकलने में डरते थे। उस समय डर का माहौल था, जबरन वसूली होती थी, फिरौती के लिए अपहरण होते थे। आज बिहार में असली विकास हो रहा है।

चिराग पासवान पर उन्होंने कहा कि एनडीए में सब कुछ सही है। वह हमारे साथ हैं और मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी मतदाता कौन होते हैं?
फर्जी मतदाता वे होते हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट में हैं लेकिन वे वास्तव में मतदाता नहीं हैं, जैसे कि मृतक, गैर-नागरिक या जिन्होंने अपना नाम स्थानांतरित कर लिया है।
चुनाव आयोग का कार्य क्या है?
चुनाव आयोग का मुख्य कार्य निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना और मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना है।
बिहार में विकास कैसे हुआ है?
नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में कई लाभकारी योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे राज्य का चहुंमुखी विकास हुआ है।
क्या विपक्ष के आरोप सही हैं?
विपक्ष के आरोप को लेकर जदयू सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया में किसी भी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए।
चिराग पासवान का एनडीए में क्या स्थान है?
चिराग पासवान एनडीए का हिस्सा हैं और चुनाव में सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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