दिलीप जायसवाल: भारत की शांति और संवाद नीति पर महत्वपूर्ण विचार
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पटना, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय और आंतरिक राजनीति से संबंधित मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारत की शांति नीति, चुनावी पारदर्शिता और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "भारत हमेशा से शांति और संवाद का समर्थक रहा है। यह संघर्ष विराम वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव को कम करेगा और पश्चिमी देशों में उत्पन्न आर्थिक एवं सामाजिक संकट पर नियंत्रण लगाने में मदद करेगा। युद्ध का प्रभाव सम्पूर्ण विश्व पर पड़ता है, इसलिए ऐसे किसी भी कदम का स्वागत किया जाना चाहिए जो स्थिरता और राहत लाए।"
दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस युद्ध के कारण सम्पूर्ण विश्व को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा है, लेकिन अब शांति और संवाद होने से सभी देशों के लिए अच्छा होगा।
पश्चिम बंगाल के चुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि 90 लाख से अधिक मतदाताओं पर लगे कथित जातिवाद के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा जारी सूची पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बनाई गई है और इसे जारी करने से पहले देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था द्वारा भी इसकी जांच की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पास कोई ठोस जानकारी या साक्ष्य नहीं है। यह कोई नई बात नहीं है, उन्होंने कई बार इस तरह का बयान दिया है। इसका जवाब जनता आने वाले समय में देगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी उन्होंने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने पूर्वजों जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के निर्णयों पर विचार करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि अतीत में लिए गए निर्णयों का देश पर क्या प्रभाव पड़ा।
राज्य की राजनीति पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ प्रक्रिया पूरी करेंगे और दिल्ली में एनडीए की बैठक के बाद बिहार की अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे लगातार शराबबंदी और अपराध जैसे मुद्दों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं।