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ममता बनर्जी सत्ता में वापसी के लिए भावनात्मक माहौल बना रही हैं: दिलीप जायसवाल

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ममता बनर्जी सत्ता में वापसी के लिए भावनात्मक माहौल बना रही हैं: दिलीप जायसवाल

सारांश

बिहार मंत्री दिलीप जायसवाल ने ममता बनर्जी को उनके राजनीतिक प्रयासों पर कटाक्ष किया, कहा कि लोग अब उनकी रणनीतियों को समझ चुके हैं। वो यूसीसी और महिला आरक्षण पर भी बोले, समर्थन का आह्वान किया।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी का सत्ता में लौटने का प्रयास यूसीसी पर जल्दबाजी में बयान देना उचित नहीं महिलाओं के लिए आरक्षण का समर्थन राजनीतिक दलों का संयुक्त प्रयास आवश्यक

पटना, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने पश्चिम बंगाल चुनाव, यूसीसी और महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा करते हुए कांग्रेस और ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "ममता बनर्जी असहाय हो चुकी हैं। भावनात्मक और भ्रामक माहौल तैयार करके वह पुनः सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जनता अब समझ चुकी है। इस बार टीएमसी की सरकार पश्चिम बंगाल में नहीं बनेगी।"

ममता बनर्जी द्वारा यूसीसी पर दिए गए बयान पर जायसवाल ने कहा, "चाहे ममता बनर्जी हों या कोई अन्य, यूसीसी पर इतनी जल्दबाजी में बयान देना उचित नहीं है। देश की आवश्यकता है कि सभी को समान अधिकार मिले। समय के अनुसार कई चीजें बदलती हैं और यूसीसी समय की मांग है।"

महिला आरक्षण विधेयक पर दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, "एनडीए और भारतीय जनता पार्टी के घोषणापत्र में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का वादा हुआ था। भाजपा और एनडीए अब उस वादे को पूरा करने की दिशा में बढ़ रही है, जबकि कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। विपक्ष का मतलब हर मुद्दे का विरोध करना नहीं होता। अगर कोई चीज अच्छी है तो उसका समर्थन किया जाना चाहिए। महिलाओं को अब लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलने वाला है, इसलिए सभी दलों को इसका समर्थन करना चाहिए।"

रविवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर मंत्री जायसवाल ने कहा था कि यह कोई विवाद का विषय नहीं है, बल्कि इससे देश के सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे। कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाल रहे हैं, लेकिन जनता अब इन बातों को समझ चुकी है।

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर भी हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने दशकों तक महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी से दूर रखा। अब समय आ गया है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए अधिक अवसर दिए जाएं और उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी में वास्तविकता और रणनीति का एक गहरा संबंध होता है। दिलीप जायसवाल का बयान ममता बनर्जी के राजनीतिक प्रयासों पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी है। यह दर्शाता है कि किस तरह से राजनीतिक दल अपनी छवि को बचाने के लिए भावनाओं का सहारा लेते हैं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप जायसवाल ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी सत्ता में वापसी के लिए भावनात्मक और भ्रामक माहौल बना रही हैं।
महिला आरक्षण विधेयक पर दिलीप जायसवाल का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए ने महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण का वादा किया था और अब वे उसे पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यूसीसी पर दिलीप जायसवाल का क्या मत है?
उन्होंने कहा कि यूसीसी पर जल्दबाजी में बयान देना उचित नहीं है, सभी को समान अधिकार मिलने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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