क्या दिल्ली पुलिस ने ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई की है?

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क्या दिल्ली पुलिस ने ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई की है?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत एक प्रमुख कार्रवाई की है, जिसमें कुख्यात ड्रग तस्कर विजय कुमार की 30 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया गया है। यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान का हिस्सा है।

Key Takeaways

  • ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में सख्ती
  • अवैध संपत्तियों की ज़ब्ती
  • समाज में नशे की बुराई का खात्मा
  • वित्तीय जांच की गहराई
  • अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर निगरानी

नई दिल्ली, 8 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिले की ऑपरेशन सेल ने नशा मुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में कुख्यात ड्रग तस्कर विजय कुमार की 30 लाख रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया गया है। विजय कुमार को भरत नगर थाना क्षेत्र का बैड कैरेक्टर घोषित किया जा चुका है।

यह अभियान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के नेतृत्व में नशे के खिलाफ चलाया जा रहा है। नशे पर नकेल कसने के लिए, दिल्ली पुलिस द्वारा विभिन्न अभियान संचालित किए जा रहे हैं। समाज में नशे की बुराई को समाप्त करने के लिए, सभी संबंधित अधिकारियों को नशा-अपराधियों के विरुद्ध कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

15 फरवरी 2025 को ऑपरेशन सेल/नॉर्थ-वेस्ट की टीम ने विजय कुमार के बेटे नितिन बद्धवान (22) को जेजे कॉलोनी, वजीरपुर से गिरफ्तार किया। उसके घर से 365 ग्राम हेरोइन और 1,88,200 रुपए नकद बरामद किए गए। इस मामले में भरत नगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ में नितिन ने खुलासा किया कि वह अपने पिता विजय कुमार के इशारे पर काम करता था। इसके बाद पुलिस ने 20 मई 2025 को विजय कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।

इंस्पेक्टर मदन मोहन (इंचार्ज, एंटी-नारकोटिक्स सेल) की अगुवाई में एसआई रवि सैनी और एसआई आकाशदीप की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस को वित्तीय लेन-देन की गहरी जानकारी हाथ लगी। इसमें विजय कुमार की तीन दोपहिया वाहन और एक संपत्ति शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 30 लाख रुपए से अधिक आंकी गई। जांच में पता चला कि ये संपत्तियां ड्रग तस्करी से अर्जित पैसों से खरीदी गई हैं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 68-एफ(1) के तहत संपत्तियों को ज़ब्त करने का आदेश दिया गया। आदेश को वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग के सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया, जिन्होंने जांच के बाद विजय कुमार की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया।

सक्षम प्राधिकारी ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के इन संपत्तियों की बिक्री या खरीद नहीं हो सकेगी। आदेश की कॉपी जिला राजस्व अधिकारी, एसडीएम और परिवहन विभाग को भी भेजी गई है।

आरोपी विजय कुमार पिछले 7 सालों से ड्रग्स के धंधे में सक्रिय है। उस पर 11 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें 5 एनडीपीएस एक्ट से जुड़े हैं। वहीं, नितिन बद्धवान 8वीं तक पढ़ा है और पिछले 3 साल से ड्रग्स की सप्लाई कर रहा है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ड्रग तस्करी के नेटवर्क को जड़ से तोड़ना और उनकी आर्थिक कमर तोड़ना है। अवैध संपत्तियों की ज़ब्ती से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अपराधियों को अपने गैर-कानूनी काम से कोई फायदा न मिले। पुलिस लगातार ऐसे अपराधियों पर निगरानी रख रही है, जो समाज में नशे का जहर घोल रहे हैं और अंतरराज्यीयअंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग्स का नेटवर्क चला रहे हैं।

Point of View

बल्कि समाज में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए एक आवश्यक कदम भी है।
NationPress
12/02/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली पुलिस ने विजय कुमार की संपत्ति क्यों फ्रीज की?
विजय कुमार की संपत्ति को ड्रग तस्करी से अर्जित पैसों से खरीदा गया था, इसलिए इसे फ्रीज किया गया।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का उद्देश्य ड्रग तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों को बाधित करना है।
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