12 अगस्त 2026
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डीएमआरसी की अपील: स्वतंत्रता दिवस से पहले एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के पास पतंग न उड़ाएं, 25,000 वोल्ट का खतरा

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डीएमआरसी की अपील: स्वतंत्रता दिवस से पहले एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के पास पतंग न उड़ाएं, 25,000 वोल्ट का खतरा

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पतंगबाजी परंपरा इस बार डीएमआरसी की चेतावनी के साथ आई है। 416 किलोमीटर के एलिवेटेड नेटवर्क पर 25,000 वोल्ट की लाइव तारें हैं — और पतंग की एक डोर सेवा बाधित कर सकती है या जान ले सकती है। कॉर्पोरेशन ने विशेष टीमें तैनात की हैं, लेकिन जनसहयोग को अनिवार्य बताया है।

मुख्य बातें

डीएमआरसी ने 12 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, जिसमें एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के पास पतंग न उड़ाने की अपील की गई।
पतंग की डोर 25,000 वोल्ट की हाई-वोल्टेज ओएचई तारों या ट्रेन के पैंटोग्राफ में उलझ सकती है, जिससे सेवा बाधित या जानलेवा हादसा हो सकता है।
दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 416 किलोमीटर तक फैला है, जिसका बड़ा हिस्सा एलिवेटेड है।
मैटेलिक मांझे को विशेष रूप से खतरनाक बताया गया है; हाई-वोल्टेज संपर्क जानलेवा हो सकता है।
पतंगबाजी की आशंका वाले स्टेशनों के पास विशेष टीमें तैनात की गई हैं; ट्रेन ऑपरेटरों और स्टाफ को अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने 12 अगस्त 2026 को दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए एक विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, जिसमें 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने की अपील की गई है। कॉर्पोरेशन ने चेतावनी दी है कि पतंग की डोर 25,000 वोल्ट की हाई-वोल्टेज ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) में उलझ सकती है, जिससे न केवल ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं, बल्कि जान का गंभीर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।

क्यों जारी हुई यह एडवाइजरी

दिल्ली-एनसीआर में 15 अगस्त के आसपास पतंगबाजी एक परंपरागत उत्सव का हिस्सा है। लेकिन डीएमआरसी के अनुसार, इस दौरान पतंग उड़ाने की बढ़ती गतिविधियाँ मेट्रो नेटवर्क के लिए तकनीकी और सुरक्षा जोखिम पैदा करती हैं। पतंग की डोर मेट्रो ट्रैक के साथ लगी ओएचई तारों में उलझ सकती है या चलती ट्रेन के पैंटोग्राफ में फंस सकती है।

ऐसी घटनाओं से ओएचई या पैंटोग्राफ को नुकसान हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप मेट्रो सेवाओं में व्यापक रुकावट आ सकती है। डीएमआरसी ने विशेष रूप से मैटेलिक मांझे के उपयोग को लेकर आगाह किया है, क्योंकि यह हाई-वोल्टेज उपकरणों के संपर्क में आने पर जानलेवा साबित हो सकता है।

नेटवर्क की तकनीकी स्थिति

दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में 416 किलोमीटर तक फैला है, जिसका बड़ा हिस्सा एलिवेटेड यानी ज़मीन से ऊपर है। इन एलिवेटेड खंडों में ट्रेनों को बिजली आपूर्ति के लिए 25,000 वोल्ट की लाइव ओएचई तारों का उपयोग किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी में लाखों लोग छतों और खुले मैदानों में पतंग उड़ाते हैं, और इनमें से कई एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के नज़दीक होते हैं।

डीएमआरसी की तैयारी और सुरक्षा उपाय

कॉर्पोरेशन ने बताया कि पतंग की डोर से होने वाली रुकावटों से निपटने के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली तैयार की गई है। पतंगबाजी की आशंका वाले स्टेशनों के नज़दीक विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर के आसपास दिखने वाली डोर को तत्काल हटाएंगी।

इसके अलावा, ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे पतंग उड़ाने के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें और ओएचई या चलती ट्रेनों के लिए खतरनाक बन सकने वाली डोर की तुरंत पहचान करें।

जनता से अपील

डीएमआरसी ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा है कि रिहायशी इलाकों से गुज़रने वाली एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाई जाए। कॉर्पोरेशन ने सुझाव दिया है कि पतंगबाजी का आनंद लेने के लिए मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर से सुरक्षित दूरी पर खुले मैदानों का चुनाव किया जाए।

कॉर्पोरेशन ने कहा कि मेट्रो यात्रियों, कर्मचारियों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस के दौरान निर्बाध ट्रेन सेवाएं बनाए रखने के लिए जनसहयोग अनिवार्य है। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी इस मौसम में पतंग की डोर से मेट्रो परिचालन प्रभावित होने की घटनाएं सामने आई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे महज़ औपचारिकता नहीं माना जाना चाहिए — पिछले वर्षों में पतंग की डोर से मेट्रो परिचालन बाधित होने की वास्तविक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। असली सवाल यह है कि क्या केवल अपील और टीम तैनाती पर्याप्त है, या एलिवेटेड खंडों के नज़दीक पतंगबाजी को विनियमित करने के लिए कोई कानूनी ढाँचा भी ज़रूरी है। मैटेलिक मांझे पर पहले से प्रतिबंध होने के बावजूद उसका उपयोग जारी रहना यह दर्शाता है कि जागरूकता अभियान अकेले काफी नहीं हैं।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएमआरसी ने पतंग उड़ाने पर एडवाइजरी क्यों जारी की?
डीएमआरसी ने यह एडवाइजरी इसलिए जारी की क्योंकि स्वतंत्रता दिवस के आसपास पतंगबाजी की बढ़ती गतिविधियों से पतंग की डोर के 25,000 वोल्ट की ओएचई तारों या ट्रेन के पैंटोग्राफ में उलझने का खतरा बढ़ जाता है। इससे मेट्रो सेवाएं बाधित हो सकती हैं और जान का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के पास पतंग उड़ाना कितना खतरनाक है?
एलिवेटेड मेट्रो लाइनों पर 25,000 वोल्ट की लाइव ओएचई तारें होती हैं। पतंग की डोर — विशेषकर मैटेलिक मांझा — इन तारों के सीधे या अप्रत्यक्ष संपर्क में आने पर जानलेवा हो सकती है। इसके अलावा, ट्रेन के पैंटोग्राफ में डोर फंसने से पैंटोग्राफ या ओएचई क्षतिग्रस्त होकर सेवा बाधित हो सकती है।
डीएमआरसी ने इस खतरे से निपटने के लिए क्या इंतज़ाम किए हैं?
डीएमआरसी ने पतंगबाजी की आशंका वाले स्टेशनों के नज़दीक विशेष टीमें तैनात की हैं, जो मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर के पास दिखने वाली डोर को तुरंत हटाएंगी। ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन स्टाफ को भी इस मौसम में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पतंग उड़ाने के लिए सुरक्षित विकल्प क्या है?
डीएमआरसी ने सुझाव दिया है कि लोग मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर से सुरक्षित दूरी पर खुले मैदानों में पतंग उड़ाने का आनंद लें। रिहायशी इलाकों से गुज़रने वाली एलिवेटेड मेट्रो लाइनों के आसपास पतंगबाजी से बचने की विशेष अपील की गई है।
दिल्ली मेट्रो का एलिवेटेड नेटवर्क कितना बड़ा है?
दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में 416 किलोमीटर तक फैला है, जिसका बड़ा हिस्सा एलिवेटेड यानी ज़मीन से ऊपर है। इन एलिवेटेड खंडों में ट्रेनों को 25,000 वोल्ट की लाइव ओएचई तारों से बिजली दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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