केरल में कांग्रेस का मुख्यमंत्री 9 दिन बाद भी तय नहीं, भाजपा प्रवक्ता पूनावाला का तीखा तंज
सारांश
मुख्य बातें
केरल विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के 9 दिन बाद भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) राज्य का मुख्यमंत्री तय नहीं कर पाई है। इस राजनीतिक गतिरोध पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का मुख्यमंत्री "दूरबीन से खोजने पर भी नहीं मिल रहा।" उन्होंने यह भी आशंका जताई कि केरल में अगले 5 साल में 5 मुख्यमंत्री बदले जा सकते हैं।
पूनावाला का तंज — 'आई नीड कन्फ्यूजन'
BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने मीडिया से बातचीत में दूरबीन लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और कहा, "आज मैं यह दूरबीन लेकर आया हूँ, क्योंकि मैं दूरबीन से देख रहा हूँ कि 9 दिन हो गए — केरल का सीएम कहाँ है? मुख्यमंत्री बनाने के लिए लोगों ने वोट दिया, लेकिन कांग्रेस पार्टी का सीएम दूरबीन से भी खोजने पर नहीं मिल रहा।" उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि INC का मतलब अब 'आई नीड कन्फ्यूजन' हो गया है।
पूनावाला ने आगे कहा कि जहाँ पूर्ण बहुमत में कांग्रेस है, वहाँ "फुल कन्फ्यूजन" है। उन्होंने कांग्रेस के "सूत्रों" का हवाला देते हुए दावा किया कि केरल में 5 साल में 5 मुख्यमंत्री होने वाले हैं — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
BJP-NDA की स्थिरता से तुलना
पूनावाला ने कांग्रेस शासित राज्यों की तुलना BJP और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासित राज्यों से की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में BJP या NDA की सरकारें बनने के बाद कैबिनेट के फैसले तुरंत शुरू हो गए। इसके विपरीत, जहाँ कांग्रेस की सरकार है — चाहे केरल हो, तमिलनाडु हो, कर्नाटक हो, हिमाचल प्रदेश हो या हरियाणा — वहाँ राजनीतिक अस्थिरता और आंतरिक कलह बनी रहती है।
उन्होंने कहा, "देश की जनता भली-भाँति देख रही है कि अगर स्थिर सरकार चाहिए तो इसके लिए BJP-NDA ही विकल्प है। दूसरे दलों के गठबंधनों पर लोगों का भरोसा नहीं बचा है।"
उदयनिधि स्टालिन के सनातन-विरोधी बयान पर पलटवार
इसी प्रेस वार्ता में शहजाद पूनावाला ने तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के हालिया सनातन-विरोधी बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हारने के बाद भी कुछ लोग हिंदू विरोध, सनातन विरोध छोड़ नहीं पा रहे।" पूनावाला के अनुसार, मंगलवार को विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन को नष्ट करने की बात दोहराई और इस बार मुख्यमंत्री जोसेफ विजय भी सामने थे, फिर भी उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई।
केरल में राजनीतिक स्थिति
गौरतलब है कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिला, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए आंतरिक सहमति बनाने में पार्टी को अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह देरी गठबंधन के भीतर विभिन्न गुटों और नेताओं के बीच शक्ति-संतुलन की जटिलता को दर्शाती है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर खुद को पुनर्गठित करने की कोशिश में जुटी है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का फैसला यह तय करेगा कि केरल में सरकार का स्वरूप क्या होगा।