12 अक्टूबर 2026
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दिल्ली में दुर्गा ई-ऑटो योजना लॉन्च: 1,300 पिंक ई-ऑटो से महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को स्वरोजगार

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दिल्ली में दुर्गा ई-ऑटो योजना लॉन्च: 1,300 पिंक ई-ऑटो से महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को स्वरोजगार

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'दुर्गा ई-ऑटो योजना' का डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया — 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को मालिक-चालक बनाएंगे। ऑनलाइन लॉटरी से पारदर्शी आवंटन, एग्रीगेटर मुफ्त ऑनबोर्डिंग और मेट्रो स्टेशनों पर चार्जिंग इन्फ्रा — यह रोजगार और हरित परिवहन का नया संगम है।

मुख्य बातें

दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 12 अक्टूबर 2026 को दुर्गा ई-ऑटो योजना का डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया।
पहले चरण में 1,300 गुलाबी ई-ऑटो आवंटित होंगे — 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर्स के लिए।
महिला आवेदकों की आयु 20-40 वर्ष , दिल्ली निवासी, वैध LMV लाइसेंस, PSV बैज और पारिवारिक आय ₹5 लाख से कम होनी जरूरी।
आवेदन प्रक्रिया तीन महीने तक खुली रहेगी; ओवरसब्सक्राइब जिलों में ऑनलाइन लॉटरी से आवंटन।
Uber, Ola, भारत टैक्सी और Rapido से चालकों को 6 महीने की निःशुल्क ऑनबोर्डिंग दिलाने का प्रयास।
लाभार्थी दिल्ली ईवी नीति-2026 के खरीद प्रोत्साहन का भी लाभ उठा सकेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली सचिवालय में दुर्गा ई-ऑटो योजना (Driving, Upliftment and Rojgar for Women/Transgender E-Auto) का डिजिटल पोर्टल लॉन्च किया। इस योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक पिंक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिल सके। लॉन्च कार्यक्रम में दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

योजना का ढाँचा और आवंटन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना के पहले चरण में कुल 1,300 गुलाबी ई-ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इनमें 1,170 ई-ऑटो महिलाओं के लिए और 130 ई-ऑटो ट्रांसजेंडर्स के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रति राजस्व जिले में महिलाओं के लिए अधिकतम 90 और ट्रांसजेंडर्स के लिए अधिकतम 10 ई-ऑटो का कोटा तय किया गया है। यह वितरण जिला-आधारित प्रणाली के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन में लक्षित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

आवेदन प्रक्रिया और पारदर्शिता

योजना के लिए डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है। आवेदन प्रक्रिया योजना की मंजूरी के बाद तीन महीने तक खुली रहेगी। यदि किसी जिले में पात्र आवेदनों की संख्या निर्धारित कोटे से अधिक होती है, तो ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा और इसके बाद पात्र लाभार्थियों को आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।

पात्रता की शर्तें

महिला आवेदकों की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वे दिल्ली की निवासी हों। उनके पास वैध हल्के मोटर वाहन (LMV) का ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन (PSV) बैज होना अनिवार्य है। परिवार की वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और अधिकतम तीन जीवित बच्चों से संबंधित शर्त भी लागू होगी। ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए आयु, दिल्ली में निवास और वैध ड्राइविंग लाइसेंस व PSV बैज की शर्तें समान रूप से निर्धारित की गई हैं।

बुनियादी ढाँचा और एग्रीगेटर समर्थन

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि महिला कॉलेजों के आसपास दुर्गा ई-ऑटो के लिए समर्पित स्टैंड बनाने की योजना है। इसके अतिरिक्त दिल्ली मेट्रो व NCRTC से नमो भारत RRTS तथा मेट्रो स्टेशनों पर समर्पित पार्किंग और चार्जिंग स्थान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि Uber, Ola, भारत टैक्सी और Rapido जैसे एग्रीगेटर्स से दुर्गा ई-ऑटो चालकों को छह महीने तक निःशुल्क ऑनबोर्डिंग और सब्सक्रिप्शन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा।

व्यापक आर्थिक प्रभाव और आगे की राह

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि योजना का प्रभाव केवल 1,300 ई-ऑटो के संचालन तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय मरम्मत कार्यशालाओं, वाहन सर्विसिंग, चार्जिंग सेवाओं, बैटरी रीसाइक्लिंग और रखरखाव जैसे सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार सृजित होने की संभावना है। योजना के लाभार्थी दिल्ली ईवी नीति-2026 के तहत निर्धारित खरीद प्रोत्साहनों का भी लाभ उठा सकेंगे। लाभार्थियों की आजीविका और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में परिवर्तनों का आकलन दो चरणों में किया जाएगा, ताकि योजना के वास्तविक प्रभावों के आधार पर आगे की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऑनलाइन लॉटरी और एग्रीगेटर ऑनबोर्डिंग जैसी व्यवस्थाएं इसे महज घोषणा से आगे ले जाती हैं। लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है: दिल्ली में LMV लाइसेंस और PSV बैज रखने वाली महिलाओं की संख्या सीमित है, जो पात्र आवेदकों के पूल को स्वाभाविक रूप से संकुचित कर सकती है। मेट्रो स्टेशनों पर चार्जिंग इन्फ्रा और महिला कॉलेजों के पास स्टैंड का प्रस्ताव सही दिशा में है, लेकिन ये अभी तक अनुरोध के स्तर पर हैं — ठोस समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई। दो-चरणीय प्रभाव मूल्यांकन की बात उत्साहजनक है, बशर्ते परिणाम सार्वजनिक किए जाएं।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा ई-ऑटो योजना क्या है?
दुर्गा (Driving, Upliftment and Rojgar for Women/Transgender E-Auto) दिल्ली सरकार की योजना है जिसके तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक पिंक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर दिया जाएगा। पहले चरण में 1,300 गुलाबी ई-ऑटो — 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर्स के लिए — आवंटित किए जाएंगे।
दुर्गा ई-ऑटो योजना के लिए आवेदन कैसे करें और पात्रता क्या है?
आवेदन योजना के समर्पित डिजिटल पोर्टल पर किया जाएगा, जो मंजूरी के बाद तीन महीने तक खुला रहेगा। महिला आवेदकों की आयु 20-40 वर्ष, दिल्ली की निवासी, वैध LMV ड्राइविंग लाइसेंस, PSV बैज और परिवार की वार्षिक आय ₹5 लाख से कम होनी चाहिए।
यदि आवेदनों की संख्या कोटे से अधिक हो तो आवंटन कैसे होगा?
यदि किसी जिले में पात्र आवेदन निर्धारित कोटे से अधिक होते हैं, तो ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। इसके बाद चुने गए पात्र लाभार्थियों को आशय पत्र (Letter of Intent) जारी किया जाएगा।
क्या दुर्गा ई-ऑटो चालकों को ऐप-आधारित कैब सेवाओं से जोड़ा जाएगा?
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के अनुसार Uber, Ola, भारत टैक्सी और Rapido जैसे एग्रीगेटर्स से दुर्गा ई-ऑटो चालकों को छह महीने तक निःशुल्क ऑनबोर्डिंग और सब्सक्रिप्शन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। लाभार्थी दिल्ली ईवी नीति-2026 के तहत खरीद प्रोत्साहन का भी लाभ ले सकेंगे।
दुर्गा योजना से रोजगार के अलावा और क्या लाभ होंगे?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार योजना से मरम्मत कार्यशालाओं, वाहन सर्विसिंग, चार्जिंग सेवाओं, बैटरी रीसाइक्लिंग और रखरखाव जैसे सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार सृजित होने की संभावना है। साथ ही महिला कॉलेजों के पास स्टैंड और मेट्रो स्टेशनों पर चार्जिंग इन्फ्रा से सुरक्षित व पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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