दिल्ली 'दुर्गा' योजना पोर्टल लॉन्च: 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे ई-ऑटो
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली सरकार ने 12 अक्टूबर 2026 को 'दुर्गा' योजना का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च किया, जिसके तहत पहले चरण में 1,170 महिलाओं और 130 ट्रांसजेंडर लोगों को ई-ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे — यानी कुल लगभग 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो। मंत्री पंकज सिंह ने पोर्टल का शुभारंभ करते हुए बताया कि यह योजना महिला सशक्तिकरण, ट्रांसजेंडर रोजगार और राजधानी में स्वच्छ परिवहन — तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधने की कोशिश है।
योजना की संरचना और लाभार्थी
मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, दिल्ली के प्रत्येक जिले में 90 महिलाओं और 10 ट्रांसजेंडर लोगों को ई-ऑटो आवंटित किए जाएंगे। इस वितरण-सूत्र के आधार पर ही पहले चरण की कुल संख्या 1,300 तय की गई है। पोर्टल पर आवेदन प्राप्त होते ही मंजूरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से हो सके।
ईवी पॉलिसी 2026 के तहत सब्सिडी का लाभ
मंत्री पंकज सिंह ने स्पष्ट किया कि 'दुर्गा' योजना के लाभार्थियों को ईवी पॉलिसी 2026 के अंतर्गत निर्धारित प्रोत्साहन राशि और सब्सिडी भी दी जाएगी। इसका अर्थ यह है कि महिलाएं और ट्रांसजेंडर आवेदक ई-ऑटो खरीदने पर वही वित्तीय राहत पाएंगे, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक प्रोत्साहन के लिए अन्य श्रेणियों को मिलती है। इससे योजना में वित्तीय बाधा कम होने की उम्मीद है।
लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और 'स्वच्छ दिल्ली' का लक्ष्य
सरकार का तर्क है कि ई-ऑटो से न केवल लाभार्थियों की आय बढ़ेगी, बल्कि मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों से घरों तक की लास्ट-माइल कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। मंत्री ने इसे 'स्वच्छ दिल्ली, सशक्त दिल्ली' के विज़न से जोड़ते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली सर्दियों से पहले वायु गुणवत्ता को लेकर लगातार दबाव में रहती है।
आवेदन प्रक्रिया और आगे की राह
पोर्टल के सक्रिय होने के साथ ही इच्छुक महिलाएं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने संकेत दिया है कि आवेदनों की समीक्षा और लाभार्थियों की स्वीकृति की प्रक्रिया क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि यह योजना दिल्ली में महिला-केंद्रित परिवहन पहलों की एक लंबी श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है — और इसमें ट्रांसजेंडर समुदाय को औपचारिक रूप से शामिल करना एक उल्लेखनीय नीतिगत विस्तार है। आने वाले हफ्तों में आवेदन प्रक्रिया की गति और सब्सिडी वितरण का क्रियान्वयन इस योजना की असली परीक्षा होगी।