भूमि पेडनेकर ने किया 'पिंक ई-रिक्शा' पहल का समर्थन, मुंबई में 1,000 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने 2 जून को मुंबई में लॉन्च हुई 'ड्राइव हर फ्यूचर' मुहिम और इसके तहत शुरू की गई 'पिंक ई-रिक्शा' पहल का खुलकर समर्थन किया, जिसके पहले चरण में मुंबई की 1,000 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएँगे। भामला फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई इस मुहिम का लक्ष्य महाराष्ट्र में कुल 12,000 ई-रिक्शा तक विस्तार करना है।
मुख्य घोषणा और पैमाना
लॉन्च कार्यक्रम के दौरान भूमि ने कहा कि यह पहल पर्यावरण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण — इन तीनों मुद्दों को एक मंच पर लाती है। उन्होंने कहा, ‘अक्सर लोग महिला सशक्तिकरण की बातें तो करते हैं, लेकिन बहुत कम ऐसे कदम देखने को मिलते हैं जो वास्तव में महिलाओं की जिंदगी में बदलाव लाएं। यह एक ऐसा काम है जो महिलाओं को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाएगा।’
आर्थिक स्वतंत्रता पर ज़ोर
अभिनेत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिला चालकों को ई-रिक्शा सौंपे जाने से वे स्वयं रोज़गार अर्जित कर सकेंगी। उन्होंने कहा, ‘आर्थिक स्वतंत्रता किसी भी महिला को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। जब किसी महिला के पास अपनी आय का स्रोत होता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनती है।’ उनके अनुसार, सक्षम और आत्मनिर्भर महिलाएँ देश की विकास गति को तेज़ करती हैं और समाज में सुरक्षा का माहौल भी बेहतर बनाती हैं।
पर्यावरण और EV का जुड़ाव
भूमि ने कहा कि इस पहल की सबसे खास बात यह है कि यह केवल रोज़गार ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। मुंबई में शुरुआती तौर पर 1,000 पिंक ई-रिक्शा लॉन्च किए जा रहे हैं, इसके बाद महाराष्ट्र में 12,000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। भविष्य में योजना को अन्य राज्यों तक भी ले जाने की बात कही गई है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ़्तार तेज़ हो रही है और शहरी अंतिम-मील परिवहन में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर रही है।
अमृता फडणवीस की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में भूमि के साथ अमृता फडणवीस और साहेर भामला भी मौजूद रहीं। अमृता फडणवीस ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, और ऐसे समय में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना बेहद ज़रूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमाती है, तो वह समाज और पर्यावरण दोनों के लिए सकारात्मक योगदान देती है।
आगे की राह
भामला फाउंडेशन के अनुसार, ‘ड्राइव हर फ्यूचर’ मुहिम का लक्ष्य पहले चरण में 1,000 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराना है, जिसे क्रमशः महाराष्ट्र भर में और फिर अन्य राज्यों में विस्तार दिया जाएगा। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि लाभार्थियों के चयन, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता का ढाँचा कैसा रहता है।